भू-अभिलेख विभाग निदेशक ने पेपरलेस रजिस्ट्री पर फीडबैक लिया

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भू-अभिलेख विभाग के निदेशक यशपाल यादव ने की राजस्व अधिकारियों के साथ बैठक

नागरिक सेवाओं को तेज, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लक्ष्य के साथ प्रक्रिया सुचारू : यशपाल यादव

निदेशक ने अधिकारियों से तकनीकी फीडबैक एवं सुझाव भी लिए

गुरुग्राम, 04 दिसंबर। भू-अभिलेख विभाग के निदेशक यशपाल यादव ने वीरवार को लघु सचिवालय में राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक कर प्रदेश में हाल ही में शुरू की गई पेपरलेस रजिस्ट्री प्रक्रिया का फीडबैक लिया। विभाग द्वारा लागू की गई इस नई प्रणाली को लेकर तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने अपने अनुभव साझा किए और अब तक सामने आई तकनीकी व व्यवहारिक स्थिति से निदेशक को अवगत कराया।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, आवश्यक दस्तावेज़ों की डिजिटल हैंडलिंग और नागरिकों की प्रारंभिक प्रतिक्रिया की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। बैठक में सीटीएम सपना यादव भी मौजूद रही।

निदेशक यशपाल यादव ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री का उद्देश्य नागरिकों को तेज, पारदर्शी और बिना किसी परेशानी के सेवा उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि हर नागरिक को समय पर सेवा मिले और किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत होने पर तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया तकनीकी रूप से मजबूत है और इसे चरणबद्ध टेस्टिंग के बाद ही लॉन्च किया गया है। इसलिए अब जिम्मेदारी है कि इसे दिन-प्रतिदिन और सुचारू बनाया जाए ताकि लोगों को कार्यालयों में बार-बार आने की जरूरत न पड़े।

यशपाल यादव ने कहा कि विभाग तकनीकी नवाचारों को अपनाते हुए जिलों में आधुनिक कार्यसंस्कृति स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पेपरलेस रजिस्ट्री प्रक्रिया के चलने के बाद नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है, और विभाग इस प्रणाली को और अधिक उपयोगकर्ता-मैत्री बनाने के लिए तैयार है। निदेशक ने सभी अधिकारियों से व्यवहारिक सुधारों और नागरिक सुविधा बढ़ाने के लिए और अधिक सुझाव भी मांगे।

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Author: Bharat Sarathi

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