हिसार के वरिष्ठ नागरिकों ने याद किए सादगी और संवेदना के प्रतीक ‘ही-मैन’


हिसार। वानप्रस्थ सीनियर सिटिज़न क्लब में आज बॉलीवुड के अमर अभिनेता धर्मेंद्र को समर्पित एक भावपूर्ण संगीतमय श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत महानायक की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट के मौन के साथ हुई।
क्लब के महासचिव जे.के. डांग ने श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि “धर्मेंद्र सिर्फ एक सितारे नहीं थे, वे भारतीय सादगी, संवेदना और आकर्षण के शाश्वत प्रतीक थे। उनकी यादें पीढ़ियों तक जीवित रहेंगी।”
कार्यक्रम का उत्कृष्ट संचालन कर रहीं डॉ. पुष्पा खरब ने धर्मेंद्र के शानदार फिल्मी सफ़र, व्यक्तित्व, और जनता से उनके आत्मीय जुड़ाव की भावनात्मक झलकियाँ साझा कीं।
🎶 गीतों से जीवंत हुई यादें
क्लब सदस्यों ने धर्मेंद्र जी के लोकप्रिय गीतों और शेरो-शायरी को अपनी मधुर प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया—
- डॉ. एम.एस. राणा – “मेरे दिल से सितमगर…” और “मेरी दोस्ती को तरसे…”
- डॉ. एस.एस. धवन (क्लब के ‘मुकेश’) – “इक हसीन शाम को…”
- श्रीमती वीना अग्रवाल – “या दिल की सुनो दुनियावालो…”
- डॉ. आर.के. सैनी – “आख़िरी गीत मोहब्बत का…” (जोरदार तालियों के बीच)
- श्री प्रेम केडिया – अस्वस्थता के बावजूद “आज मौसम बड़ा बेइमान है…”
- डॉ. पुष्पा खरब – “पल पल दिल के पास…” और
स्वर्गीय श्रीमती संतोष डांग को समर्पित “आपकी नज़रों ने समझा…” - श्री करतार सिंह – “यही है तमन्ना तेरे दर पे आएं…”
- कवयित्री श्रीमती राज गर्ग – धर्मेंद्र की अंतिम भावुक पंक्ति “अज वी जी करदा… पिंड अपने नू जावां”
- श्री बलवंत जांगड़ा – “दुनिया में ऐसा कहाँ सबका नसीब…”
- डॉ. कमल धवन – “मुझको इस रात की तन्हाई में…”
- श्री अजीत सिंह (पूर्व निदेशक, दूरदर्शन) – “आया आया अटरिया पे कोई चोर…” सभी ने मिलकर गाया और माहौल को रोमांचक बना दिया।


💝 धर्मेंद्र की आत्मीयता के किस्से
कार्यक्रम के विशेष आकर्षण रहे श्री सचदेव मान, जिन्होंने धर्मेंद्र जी से अपनी मुलाक़ातों को याद करते हुए बताया—
“वे इतने आत्मीय थे कि लगता था वर्षों से जानते हों। मेरे मामा जी के फ़ार्म पर बार-बार आते थे और बाजरे की रोटी, सरसों का साग, ताज़ा मक्खन और गुड़ बड़े चाव से खाते थे।”
उन्होंने उस दौर की कुछ दुर्लभ तस्वीरें भी साझा कीं, जिन्हें देखकर सभी भावुक हो उठे।
🕊️ अभिनेता नहीं, आम इंसान के हीरो
पूर्व मंडलायुक्त डॉ. युद्धवीर ख्यालिया ने कहा—
“धर्मेंद्र वह अभिनेता थे जो लोगों के दिलों में बड़े हुए। वे आम इंसान के सच्चे हीरो थे।”
अंत में क्लब के अध्यक्ष डॉ. एस.के. अग्रवाल ने मंच संचालिका, कलाकारों और आयोजन टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“आज की इस संगीतमय श्रद्धांजलि ने धर्मेंद्र जी को एक बार फिर हमारे बीच जीवंत कर दिया।”







