गुरुग्राम, 3 दिसंबर। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर में ठोस कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक बनाते हुए बल्क वेस्ट जनरेटर्स (बीडब्ल्यूजी) द्वारा उत्पन्न कचरे के संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन, प्रोसेसिंग और निस्तारण हेतु सक्षम एजेंसियों के इम्पैनलमेंट के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर दिया है। इच्छुक एजेंसियां एमसीजी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध दस्तावेज़ के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।
क्या है बल्क वेस्ट जनरेटर्स
ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के अनुसार, वे सभी संस्थान, परिसर या प्रतिष्ठान जिनसे प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न होता है, उन्हें बल्क वेस्ट जनरेटर माना जाता है। इनमें सरकारी एवं निजी कार्यालय, सार्वजनिक उपक्रम, अस्पताल, नर्सिंग होम, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, हॉस्टल, होटल, मार्केट, धार्मिक स्थल, खेल परिसर, स्टेडियम, बड़े आवासीय सोसाइटी और गेटेड कम्युनिटी आदि शामिल हैं।
कचरा प्रबंधन के नियमों में बीडब्ल्यूजी की जिम्मेदारियाँ
एसडब्ल्यूएम नियम-2016 के अनुसार प्रत्येक बल्क वेस्ट जनरेटर को कचरे का तीन श्रेणियों में पृथक्करण अर्थात बायोडिग्रेडेबल, नॉन-बायोडिग्रेडेबल और घरेलू खतरनाक कचरा में अलग-अलग करना होगा। इसके अतिरिक्त सेनेटरी वेस्ट को सुरक्षित तरीके से पैक कर उपयुक्त डिब्बे में डालना, निर्माण एवं विध्वंस कचरे का अलग संग्रहण और निर्धारित नियमों के अनुसार निस्तारण, बागवानी/हॉर्टिकल्चर कचरे का अलग से प्रबंधन करना अनिवार्य है। कचरे को सार्वजनिक स्थानों, नालों या जल स्रोतों में फेंकना दंडनीय अपराध है। कचरा उत्पादक को स्थानीय निकाय द्वारा निर्धारित यूजऱ शुल्क का भुगतान तथा 100 से अधिक व्यक्तियों की किसी सभा/इवेंट से पहले 3 दिन पहले सूचना देना व कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था करनी अनिवार्य है। सभी बड़ी आवासीय सोसायटी, मार्केट एसोसिएशन, होटल/रेस्तरां को परिसर में ही कम्पोस्टिंग या बायो-मीथनेशन जैसे उपायों से गीले कचरे का निस्तारण करना होगा।
एमसीजी क्यों कर रहा है एजेंसियों का इम्पैनलमेंट
नगर निगम ने पाया है कि शहर के कई बड़े संस्थानों एवं परिसरों में अपने स्तर पर कचरा प्रबंधन की विशेषज्ञता व आवश्यक अवसंरचना की कमी है। इस समस्या के समाधान के लिए एमसीजी प्रमाणित एवं अनुभवी एजेंसियों को एंपैनल कर रहा है, ताकि बीडब्ल्यूजी को कचरे के पृथक्करण, संग्रहण व परिवहन, प्रोसेसिंग व निस्तारण में पेशेवर सहायता उपलब्ध हो सके। इम्पैनलमेंट की प्रारंभिक अवधि 3 वर्ष होगी तथा प्रदर्शन एवं पारस्परिक सहमति के आधार पर 2 वर्ष का अतिरिक्त विस्तार दिया जा सकता है। असंतोषजनक कार्य या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अनुबंध को बीच में समाप्त भी किया जा सकता है।
आरएफपी तथा संबंधित दस्तावेज़ नगर निगम गुरुग्राम की वेबसाइट www.mcg.gov.in पर उपलब्ध हैं। नगर निगम ने सभी योग्य वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसियों से अनुरोध किया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएँ और निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करें।








