लेबर कोड लागू होने से श्रमिक कल्याण को नई दिशा : सुनील यादव, निदेशक ईएसआईसी

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गुरुग्राम, 03 दिसंबर। उप क्षेत्रीय कार्यालय (ईएसआईसी) गुरुग्राम के कार्यालय प्रमुख एवं निदेशक (प्रभारी) सुनील यादव ने कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 21 नवंबर 2025 से चारों श्रम संहिताओं (वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यवसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्त संहिता) को लागू किए जाने के साथ देश के श्रमिक वर्ग के सर्वांगीण हित, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ आधार मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इन संहिताओं को श्रम क्षेत्र में व्यापक सुधार सुनिश्चित करने वाली एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल के रूप में स्वीकार किया गया है। सुनील यादव बुधवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में एक प्रेस वार्ता के संबोधित कर रहे थे।

सुनील यादव ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के लागू होने से हरियाणा के लाखों श्रमिकों के लिए ईएसआईसी कवरेज में अभूतपूर्व विस्तार होगा। अब गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों सहित सभी कामगारों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज के दायरे में लाया जा रहा है, जो वर्तमान श्रम बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप एक बड़ा सुधार है। उन्होंने कहा कि 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी कर्मचारियों के लिए नियोक्ताओं को वार्षिक मुफ्त स्वास्थ्य जांच उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। ईएसआईसी का नेटवर्क पूरे देश में विस्तृत किया गया है, जिससे अधिक से अधिक श्रमिक लाभान्वित होंगे।

उन्होंने बताया कि 10 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए ईएसआईसी कवरेज स्वैच्छिक रहेगा, जबकि खतरनाक कार्य करने वाले प्रतिष्ठानों में एक भी कर्मचारी होने पर कवरेज अनिवार्य होगा। अनुबंध श्रमिकों को मुख्य नियोक्ता द्वारा स्वास्थ्य लाभ और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी। वहीं पहली बार बागान और खदान मजदूरों को भी सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत लाया गया है, जिससे उन्हें व उनके परिवारों को ईएसआई की सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा।

सुनील यादव ने कहा कि नई श्रम संहिताएं सामाजिक न्याय सुनिश्चित करती हैं और हरियाणा के श्रम पारितंत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप मजबूत बनाएंगी। महिलाओं को उनकी सहमति और आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ अब रात्रि पाली सहित सभी कार्यक्षेत्रों में काम करने की अनुमति होगी, जिससे उन्हें अधिक वेतन वाले रोजगार में समान अवसर मिल सकेंगे। सभी कामगारों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होने से रोजगार का औपचारिकीकरण बढ़ेगा और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही समय पर वेतन देना नियोक्ताओं के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी होगा। उन्होंने ईएसआईसी गुरुग्राम क्षेत्र के सभी नियोक्ताओं और श्रमिकों से अपील की कि वे नई संहिताओं का अध्ययन करें और उनका अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि विस्तारित सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी लाभों का पूरा फायदा उठाया जा सके।

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Author: Bharat Sarathi

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