-प्रदेश के 25,67,467 किसानों पर कुल 60,816 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है
-किसान और नौजवान हरियाणा की असली ताकत हैं
-सरकार की नीतियों ने किसानों को कर्ज में और युवाओं को बेरोजगारी, नशाखोरी की ओर धकेल दिया है
चंडीगढ़/सिरसा, 15 फरवरी। सिरसा की सांसद, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने कहा है कि खेती-किसानी हरियाणा की तरक्की और खुशहाली की पहचान रही है, लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश के किसान लगातार कर्ज के दलदल में फंसते जा रहे हैं।
मीडिया को आज जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़े स्वयं इस बात की पुष्टि करते हैं कि हरियाणा के हर किसान परिवार पर औसतन 1.83 लाख रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है। केंद्र सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा संसद में दी गई जानकारी और हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिखित जवाब के अनुसार 30 सितंबर 2025 तक प्रदेश के 25,67,467 किसानों पर कुल 60,816 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है। कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा के डबल इंजन शासन में खेती की इनपुट लागत लगातार बढ़ रही है, एमएसपी के नाम पर किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल रहा, प्राकृतिक आपदाओं में पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया जा रहा और भूमिहीन किसानों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों ने खेती को लाभकारी पेशे की बजाय संकट का कारण बना दिया है। उन्होंने कहा कि किसान और नौजवान हरियाणा की असली ताकत हैं, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों ने किसानों को कर्ज में और युवाओं को बेरोजगारी, नशाखोरी व पलायन की ओर धकेल दिया है।
कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार से मांग की कि किसानों की कर्ज राहत के लिए ठोस योजना बनाई जाए, सभी फसलों पर प्रभावी एमएसपी सुनिश्चित की जाए, प्राकृतिक आपदा पर समयबद्ध मुआवजा दिया जाए तथा छोटे और भूमिहीन किसानों के लिए विशेष पैकेज घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों और युवाओं के हितों की लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ती रहेगी।







