– हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रोफेसर असीम घोष ने शिल्पकारों का किया सम्मान
– शिल्प और परंपरा की अद्वितीय, अनूठी छटा बिखेरने के उपरांत 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला आज भव्य रूप से सम्पन्न
चंडीगढ़, 15 फरवरी – शिल्प और परंपरा की अद्वितीय और अनूठी छटा बिखेरने के उपरांत 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला आज भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। रविवार को 39 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला में हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रो असीम घोष के हाथों अवार्ड पाकर शिल्पकार प्रफुल्लित हुए। इस भव्य समारोह के मुख्य अतिथि हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रोफेसर असीम घोष की गरिमामयी उपस्थिति के साथ – साथ हरियाणा के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल, नगर निगम मेयर श्री प्रवीण जोशी भी इस समारोह में मौजूद रहे। पर्यटन मंत्री डा अरविंद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आज का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में शिल्पकार, बुनकरों को अपनी बेहतरीन कला प्रदर्शित करने के लिए सम्मानित किया गया।
यह हुए सम्मानित :
परंपरागत श्रेणी के अंतर्गत तेलंगाना राज्य के शिल्पकार गड्डम बाला को उनके उत्कृष्ट इकट शिल्प के लिए चुना गया है। साथ ही 11000 रुपए की धन राशि का चेक प्रदान किया गया।
कला रत्न श्रेणी में ओडिशा राज्य के प्रसिद्ध शिल्पकार दामोदर फतेह सिंह को पट्टचित्र कला में उत्कृष्ट योगदान के लिए चयनित किया गया है। साथ ही 11000 रुपए की धन राशि का चेक प्रदान किया गया।
कला मणि श्रेणी के अंतर्गत कुल आठ शिल्पकारों का चयन किया गया है। इसमें उत्तर प्रदेश के सलाउद्दीन को चिकनकारी कला, आंध्र प्रदेश के करुपथि राजावरी कुमार को कलमकारी, उत्तर प्रदेश के इरफान अली को मार्बल इनले, राजस्थान के लक्ष्मी लाल कुम्हार को मोलेला कला, हिमाचल प्रदेश के ओम प्रकाश मल्होत्रा को कुल्लू शॉल, बिहार की उर्मिला देवी को मधुबनी पेंटिंग, आंध्र प्रदेश की शकुंतला को लकड़ी की नक्काशी तथा उत्तर प्रदेश के मोहम्मद कलीम को बनारसी साड़ी शिल्प के लिए सम्मानित किया जा रहा है। साथ ही सभी आठों शिल्पकारों को 11000 रुपए की धन राशि की घोषणा की गयी।
कला निधि श्रेणी में मेघालय के एह्मोनखोंगविर को केन-बांस शिल्प, मेघालय के ही रेलिवेंट को एरी सिल्क, तेलंगाना के के. रामू को कलमकारी , आंध्र प्रदेश के संतोष कुमार को लकड़ी के खिलौने, राजस्थान की चंदा देवी को लेदर फुटवियर तथा पश्चिम बंगाल के असित बरन जाना को मदुरकाठी शिल्प के लिए चयनित किया गया है। साथ ही सभी आठों शिल्पकारों को 5100 रुपए की धन राशि की घोषणा की गयी।
कला श्री श्रेणी के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की शिप्रा शर्मा को लिप्पन आर्ट, पश्चिम बंगाल की रीता सरकार को जूट शिल्प तथा दिल्ली की चारु अरोड़ा को ओरिगामी/पेपर क्राफ्ट के लिए सम्मानित किया जा रहा है। साथ ही तीनों शिल्पकारों को 2100 रुपए की घोषणा की गई।
सर्वश्रेष्ठ विदेशी पुरस्कार श्रेणी में मिस्र के गीहान खलीफा को कढ़ाई कला, श्रीलंका की इरेशा को बाटिक शिल्प, अल्जीरिया के होसिन नेज्जार को हैंड वीविंग तथा मिस्र के एम.डी. एमपैपी को धातु/पीतल प्लेट एवं लैम्प शिल्प के लिए चुना गया है।







