एससीईआरटी गुरुग्राम में निपुण हरियाणा मिशन के तहत 181 मास्टर ट्रेनरों का सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू

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‘निपुण रिपोर्टर संजय’ शुभंकर का हुआ शुभारंभ, कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की आधारभूत साक्षरता व संख्या ज्ञान को मजबूत करने पर जोर

गुरुग्राम। निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत एससीईआरटी गुरुग्राम में सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 30 जुलाई से 5 अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में गुरुग्राम सहित सात जिलों के 181 मास्टर ट्रेनर (केआरपी), एबीआरसी, बीआरपी, प्राथमिक अध्यापक एवं टीजीटी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) को सुदृढ़ करना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक दिलजीत सिंह, उपनिदेशक अंशु सिंगला तथा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमिता रांगी ने दीप प्रज्ज्वलित एवं रिबन काटकर किया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक दिलजीत सिंह ने ‘निपुण रिपोर्टर संजय’ शुभंकर (मस्कट) का भी औपचारिक शुभारंभ किया।

जिला समन्वयक एवं निपुण मिशन के नोडल अधिकारी मनोज कुमार लाकड़ा ने बताया कि इससे पहले पंचकूला में आयोजित एसटीजी प्रशिक्षण के दौरान राज्य परियोजना निदेशक स्वप्निल रविंदर पाटिल द्वारा ‘निपुण रिपोर्टर गीता’ शुभंकर का शुभारंभ किया गया था। अब गुरुग्राम में ‘निपुण रिपोर्टर संजय’ के शुभारंभ के साथ मिशन की जन-जागरूकता और प्रभावी संप्रेषण को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि महाभारत के पात्र संजय को विश्व का पहला रिपोर्टर या कमेंटेटर माना जाता है, जिन्हें महर्षि वेदव्यास ने दिव्य दृष्टि प्रदान की थी। इसी अवधारणा से प्रेरित होकर इस शुभंकर का नाम रखा गया है, ताकि बच्चों तक सीखने का संदेश रोचक और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सके।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमिता रांगी ने कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना निपुण हरियाणा मिशन का उद्देश्य वर्ष 2026-27 तक प्रत्येक प्राथमिक विद्यार्थी को पढ़ने, लिखने और गणित में दक्ष बनाना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी केआरपी अपने-अपने खंडों में मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।

प्रथम दिन बालवाटिका आधारित शिक्षण पर रहा फोकस

जिला समन्वयक मनोज कुमार लाकड़ा ने बताया कि सात दिवसीय प्रशिक्षण का प्रत्येक दिन अलग विषय पर केंद्रित रहेगा। पहले दिन का प्रशिक्षण बालवाटिका के बच्चों के समग्र विकास पर आधारित रहा। इसमें शिक्षकों को बालवाटिका किट, खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण, भाषा विकास, मोटर स्किल, सामाजिक व्यवहार, कहानी, रोल प्ले, वर्कशीट निर्माण तथा नवीन मूल्यांकन पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया गया।

इसके साथ ही बच्चों में गणितीय तर्क क्षमता, हिंदी में मौखिक भाषा विकास, निपुण पेरेंट ऐप, पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग, चैटजीपीटी के जिम्मेदार उपयोग तथा टीएलएम एवं सॉस किट के उपयोग संबंधी व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी राकेश शर्मा, जिला समन्वयक मनोज कुमार लाकड़ा, प्रधानाचार्य जोगिंदर, सुनीता, शशि राणा, ओमबीर सिंह सहित स्टेट ट्रेनिंग ग्रुप के सदस्य उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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