पक्की नौकरी, ₹26 हजार न्यूनतम वेतन और मस्टररोल प्रणाली बहाल करने की उठी मांग, 12 अगस्त को मंत्री ने वार्ता के लिए बुलाया

गुरुग्राम, 2 अगस्त। पक्की नौकरी, न्यूनतम वेतन ₹26,000, मस्टररोल प्रणाली की बहाली और लंबित मांगों को लेकर हरियाणा के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों वन मजदूरों ने रविवार को कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह के आवास तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद यूनियन ने घोषणा की कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 10 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर ‘जेल भरो’ आंदोलन चलाया जाएगा।
कमला नेहरू पार्क में आयोजित सभा को वन विभाग मजदूर यूनियन हरियाणा के प्रधान विजय कुमार, महासचिव राजकुमार, वरिष्ठ उपप्रधान रामेश्वर भारद्वाज, सीटू के प्रदेश महासचिव जयभगवान तथा उपाध्यक्ष कामरेड सतवीर सिंह ने संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की सबसे अधिक आवश्यकता होने के बावजूद सरकार वन विभाग के ढांचे को कमजोर कर रही है। सरकारी नर्सरियों को समाप्त कर निजी नर्सरियों को बढ़ावा दिया जा रहा है और बिलिंग प्रणाली के माध्यम से सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया।

उन्होंने कहा कि वर्षों से कार्यरत वन मजदूरों को अब तक नियमित नहीं किया गया है। यूनियन का आरोप है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिसंबर 2025 में दिए गए नियमितीकरण संबंधी आदेशों का भी पालन नहीं किया गया। साथ ही मस्टररोल व्यवस्था समाप्त कर मजदूरों के रोजगार को असुरक्षित बनाया गया है।
नेताओं ने कहा कि अप्रैल 2026 से घोषित न्यूनतम वेतन ₹15,220 केवल अकुशल श्रमिकों के लिए है, जबकि लंबे कार्यानुभव वाले मजदूरों को अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल श्रेणियों के अनुसार अधिक वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने निजीकरण की नीतियों और श्रमिक विरोधी फैसलों का भी विरोध करते हुए कहा कि देशभर में 10 अगस्त को मजदूर-किसान जिला मुख्यालयों पर सत्याग्रह और जेल भरो आंदोलन करेंगे।

सभा को सीटू जिला अध्यक्ष सुरेश नोहरा, जनवादी महिला समिति की प्रदेश महासचिव ऊषा सरोहा, ताराचंद, जगदीश, महेंद्र, बलदेव, सियादत कौशिक, सुनीता, राजू, धर्मेंद्र, संजय, वीरेंद्र मान, बिरू शर्मा, दर्शन सिंह, हंसराज और सुरेंद्र कुमार सहित अनेक नेताओं ने भी संबोधित किया। इसके बाद मजदूरों ने कमला नेहरू पार्क से कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह के आवास तक मार्च निकाला।
12 अगस्त को होगी वार्ता
प्रदर्शन के बाद कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह ने यूनियन प्रतिनिधिमंडल को 12 अगस्त दोपहर 12:30 बजे हरियाणा सचिवालय में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। बैठक में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है। मंत्री कार्यालय की ओर से यूनियन को इस संबंध में लिखित पत्र भी सौंपा गया।
मुख्य मांगें
- न्यूनतम वेतन ₹26,000 प्रतिमाह किया जाए।
- सभी वन मजदूरों की वरिष्ठता सूची बनाकर नियमित किया जाए।
- लंबित वेतन, एरियर और बैंक वेज का भुगतान हो।
- अनुभव के आधार पर अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल श्रेणी का लाभ मिले।
- ईपीएफ, ईएसआई, श्रम कल्याण बोर्ड पंजीकरण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- मस्टररोल प्रणाली बहाल कर ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए।
- हाईकोर्ट के नियमितीकरण संबंधी आदेशों का पालन किया जाए।
- पुराने वन मजदूरों को पुनः कार्य पर रखा जाए तथा पौधारोपण अभियान का विस्तार किया जाए।








