“हार्दिक की मौत से मां की कोख सूनी हो गई, और देश एक प्रतिभावान खिलाड़ी से वंचित हो गया” — राव नरेंद्र सिंह
चंडीगढ़/गुरुग्राम, 26 नवंबर – रोहतक के लाखन माजरा खेल स्टेडियम में बास्केटबॉल का जर्जर पोल गिरने से राष्ट्रीय स्तर के युवा खिलाड़ी हार्दिक की मौत ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। इस दर्दनाक घटना पर हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे सरकार की घोर लापरवाही बताया।
उन्होंने कहा कि हार्दिक की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाह और भ्रष्ट शासन-प्रशासन द्वारा की गई “हत्या” है। वर्षों से पोल जर्जर था, पर उसकी मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
“खिलाड़ियों की सुरक्षा से सरकार का कोई लेना-देना नहीं” — राव नरेंद्र सिंह
राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार खिलाड़ियों को सुरक्षित और बेहतर खेल वातावरण देने में पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने कहा—
- कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा स्टेडियम के लिए दी गई ग्रांट को शासन-प्रशासन ने हड़प लिया,
- रखरखाव पर एक रुपया भी खर्च नहीं किया गया,
- जिसका नतीजा एक होनहार खिलाड़ी की जान जाने के रूप में सामने आया।
अमेरिकी क्लब से भी जुड़ा था हार्दिक
उन्होंने बताया कि हार्दिक बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी था।
वह पहले ही अमेरिका के एक बास्केटबॉल क्लब से जुड़ चुका था, और उसका भविष्य बेहद उज्ज्वल था।
इस आकस्मिक मौत ने पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ा दी है।
हरियाणा की खेल प्रणाली जर्जर: राव नरेंद्र सिंह
राव नरेंद्र सिंह ने राज्य की खेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा—
- कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए विश्व-स्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का रखरखाव पूरी तरह चौपट है।
- पूरे प्रदेश के स्टेडियम, खेल मैदान और उपकरण खस्ताहाल हैं।
- राजीव गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रोहतक, चरखी दादरी, अंबाला, सिरसा, कुरुक्षेत्र सहित कई जिलों के स्टेडियम बदतर स्थिति में हैं।
- न युवाओं के लिए कोचिंग की व्यवस्था है,
- न टैलेंट हंट कार्यक्रम,
- न ही उपकरणों का रखरखाव।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शासन में खिलाड़ियों को न प्रोत्साहन मिला, न रोजगार। जबकि कांग्रेस सरकार में खिलाड़ियों को सम्मानपूर्वक सरकारी नौकरियां दी जाती थीं।
“हर विभाग में कर्मचारी गायब, प्रदेश में अव्यवस्था हावी”
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं—
- स्कूलों में शिक्षक नहीं,
- थानों में मुलाजिम नहीं,
- सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी नहीं।
हर विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है।
उच्च स्तरीय जांच और परिवार को मुआवज़ा देने की मांग
उन्होंने मांग की—
- हार्दिक की मौत की उच्च स्तरीय कमेटी से विशेष जांच हो,
- दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो,
- मृतक खिलाड़ी के परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए,
- और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि इस घटना ने सरकार की निकम्मेपन और भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। अब समय आ गया है कि व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और खिलाड़ियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।









