आरोपी तीनो पुलिसकर्मी सस्पेंड , आदेश के साथ विभागीय जांच शुरू
9 लाख की वसूली में तीन पुलिस कर्मियों के साथ तीन अन्य भी शामिल
गुरुग्राम के सदर थाना में पीड़ित एडवोकेट की शिकायत पर मामला दर्ज
मामले की गंभीरता को देख सीपी श्रीमती कला रामचंदन ने लिया संज्ञान
एसीपी संजीव बल्हारा के द्वारा इस सनसनी खेज मामले की जांच आरंभ  
आरोपी पुलिसकर्मी कोर्ट में पेश 2 दिन का रिमांड, अन्य की तलाश जारी

फतह सिंह उजाला
गुरुग्राम ।
 दक्षिणी दिल्ली के साथ लगते हरियाणा की आर्थिक राजधानी कहलाने वाले साइबर सिटी गुरुग्राम में खाकी एक बार फिर से दाग लगा है । हाइटेक सिटी की हाईटेक कहलाई जाने वाली पुलिस विभाग के ही 3 कर्मचारियों पर 9 लाख की अवैध वसूली सहित धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं । यह पूरा मामला 2 दिन पहले का बताया गया है , मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम की सीपी श्रीमती कला रामचंद्रन ने स्वयं इस मामले में दखल देते हुए आरंभिक जांच के बाद आरोपी तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर एसीपी संजीव बल्हारा के द्वारा इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने के बाद गुरूग्राम कोर्ट में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है । जिससे कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त की जा सके । दूसरी ओर इनके तीन अन्य साथियों की तलाश में भी पुलिस के द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

सूत्रों से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला 2 दिन पहले शुक्रवार रात के समय का बताया गया है । थाना सदर में पीड़ित वकील जिसका नाम पम्मी बताया गया की शिकायत पर पुलिसकर्मियों सहित तीन अन्य के खिलाफ जबरन गाड़ी में ले जाने और वसूली सहित धमकी देने के साथ-साथ अभद्र व्यवहार करने जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया गया है कि तीन पुलिसकर्मी जिनके नाम संदीप , नीतू और आनंद बताए गए हैं, इनमें से दो की ड्यूटी इआरवी गाड़ी पर थी । तीनों पुलिसकर्मी और तीन अन्य लोग देर रात सेक्टर 38 में एक होटल पर पहुंचे । जहां पर पम्मी नामक एडवोकेट मौजूद था, वहां पहुंचते ही एडवोकेट को कथित रूप से जबरदस्ती बाहर ले आए इसके साथ ही इआरवी सरकारी गाड़ी में जबरन बैठा कर किसी अज्ञात स्थान पर लेकर पहुंचे । एडवोकेट पम्मी के द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत सहित आरोपानुसार किसी फर्जी मामले में लपेटने की धमकी देते हुए 9 लाख की मांग की गई । इसके बाद जैसे तैसे पुलिसकर्मियों कि पैसे की मांग पूरी कर दी गई ।

लेकिन इसी बीच एडवोकेट के द्वारा अपने साथ घटित इस मामले की शिकायत पुलिस विभाग में दी गई । जैसे ही यह मामला सीपी श्रीमती कला रामचंद्रन के संज्ञान में आया, वह स्वयं सदर थाना पहुंची और आरंभिक जानकारी लेते हुए आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रख तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया और विभागीय जांच के आदेश जारी किए। सूत्रों के मुताबिक आरोपी तीनों पुलिसकर्मियों को जिला कोर्ट में पेश किया गया जहां से 2 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है । इस मामले में आरोपी तीन पुलिसकर्मियों के साथ जो अन्य 3 साथी थे, उनकी पहचान नवीन, रोहित और शक्ति के रूप में की गई है । फिलहाल इस बात का खुलासा नहीं हो सका है कि आखिर ऐसा वह क्या मामला और कौन सा कारण रहा कि पुलिसकर्मियों के धमकाने पर एडवोकेट के द्वारा 9 लाख पुलिस कर्मियों को दे दिए गए । इस पूरे मामले में पुलिस कर्मियों के साथ तीन अन्य शामिल लोगों की तलाश में भी पुलिस के द्वारा दबिश दी जा रही है।

इस मामले में आरोपियों से पूछताछ के बाद ही इस बात से पर्दा उठ सकेगा कि आखिर अवैध वसूली का यह पूरा क्या कुछ मामला है ? वही जो अन्य तीन लोग इस पूरे मामले में शामिल बताए गए हैं , उनकी क्या भूमिका रही है या फिर इसके अलावा अन्य कोई और मामला तो नहीं था। जिसकी वजह से तीन पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर अन्य 3 लोगों के द्वारा एडवोकेट से इतनी भारी-भरकम रकम की वसूली की गई । इस बात से पर्दा पूरे मामले की जांच होने के उपरांत ही उठ सकेगा और सच्चाई सामने आ सकेगी । फिलहाल पुलिस अपनी जांच पड़ताल गंभीरता से कर रही है।

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