हर रोज हरियाणा में होते हैं 4 बलात्कार, 8 महिलाओं के अपहरण और 41 महिलाओं के खिलाफ़ अपराध

चंडीगढ़, 27 अक्टूबर, 2020 – फरीदाबाद के निकिता हत्याकांड की कड़ी निंदा करते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव तथा कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा में बढ़ते अपराधों के लिए भाजपा-जजपा सरकार की गलत नीतियों को सीधे रूप से जिम्मेदार बताया है। हरियाणा सरकार की विफलता से हरियाणा जैसा शांतिपूर्ण राज्य अपराध का केंद्र बन गया है और महिलाओं के प्रति अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है।

सुरजेवाला ने कहा कि निकिता मर्डर केस ने एक बार फिर हरियाणा की आत्मा और देश की आत्मा को दहला दिया है। कल सोमवार को एक ही दिन में फरीदाबाद शहर में ही तीन गोली मारने की वारदातें हुईं, निकिता ने जान गंवाई, एक दुकानदार को गोली मारकर रुपयों से भरा बैग लूट लिया गया और ड्यूटी कर रहे एक अन्य होमगार्ड को भी बदमाशों नें गोली मार दी। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से अपराधियों के खिलाफ़ 30 दिन के अंदर फास्ट ट्रैक कोर्ट से सजा दिलाने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से बेटियों पर हर रोज हमले बढ़ रहे हैं, उससे उन्हें एक दिन भी गद्दी पर बने रहने का अधिकार नहीं है।

निकिता हत्याकांड के दोषियों को कड़ी सजा की मांग करते हुए अधिकृत आंकडों का हवाला देते हुए श्री सुरजेवाला ने कहा कि महिलाओं के प्रति अपराधों में हरियाणा में पिछले अनेक सालों से लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2017 में 11,370 महिलाओं के खिलाफ अपराध हुए थे, जो 2018 व 2019 में  बढ़कर क्रमशः 14,326 व 14,683 हो गए। शर्मनाक तथ्य है कि छोटे से प्रदेश हरियाणा में पूरे देश में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों के 3.6 प्रतिशत अपराध दर्ज हुए। राष्‍ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो के अनुसार हरियाणा का पूर देश में महिलाओं के प्रति अपराध में राज्यों में तीसरा स्थान है।

सुरजेवाला ने कहा कि वर्ष 2019 में हरियाणा में 1,480 बलात्कार हुए, 194 बलात्कार की कोशिश हुई, 2,585 महिलाओं का शील भंग करने की मंशा से उन पर आक्रमण तथा 2,863 महिलाओं का अपहरण हुआ, जो ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के खोखले नारे की असलियत का पर्दाफाश करते हैं हर रोज हरियाणा में 4 बलात्कार, 8 महिलाओं के अपहरण और 41 महिलाओं के खिलाफ़ अपराध होते हैं।

महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों का सबसे बड़ा कारण पुलिस का ढीला-ढाला रवैया तथा अपराधियों को समयबद्ध तरीके से सजा दिलवाने में असफलता है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में वर्ष 2019 में, वर्ष 2018 के 2,484 महिलाओं के खिलाफ केसों की जांच भी लंबित पड़ी रही। इसके अलावा 5,463 महिलाओं के खिलाफ़ मामलों को पुलिस ने अपनी जांच में झूठा पाते हुए बंद कर दिया। इसी का एक शर्मनाक पहलू यह भी है कि 549 मामलों में पुलिस ने महिलाओं के खिलाफ़ अपराध की शिकायत को तो सही पाया किंतु साक्ष्य जुटाने में असफल रही, इस प्रकार हरियाणा पुलिस केवल 8,263 मामलों में चार्जशीट जमा कर पाई।

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