चंडीगढ़, 21 सितंबर। पालिका परिषद और निगमों के कर्मचारियों ने सोमवार को सभी निगम आयुक्तों एवं पालिका परिषदो के नवनियुक्त आयुक्त (डीएमसी) कार्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन कर पालिकाओ, परिषदों एवं नगर निगमो में वर्षों से ठेका प्रथा आउटसोर्सिंग के माध्यम से लगे क्लर्को व कंप्यूटर आॅपरेटरो की छंटनी पर रोक लगाने व छंटनी ग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन का नोटिस दिया है। संघ ने कहा है कि यदि सरकार ने निकाले हुए कर्मचारियों को वापस नहीं लिया और छंटनी पर रोक नहीं लगाई तो आगामी 23 सितंबर को रोहतक में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की होने वाली राज्य स्तरीय कन्वेंशन में, संघ रा’यव्यापी आंदोलन के तहत हड़ताल जैसा कठोर निर्णय का निर्णय लेने के लिए मजबूर होगा। संघ ने 16 सितंबर को ही सरकार को आंदोलन का नोटिस भेजकर यह स्पष्ट कर दिया था कि पालिका, परिषद व निगमों से क्लर्को व कंप्यूटर आॅपरेटर की छंटनी न की जाए, लेकिन इसके बाद भी स्थानीय अधिकारी कर्मचारियों की छंटनी  कर रहे।

हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही में 4015 क्लर्कों की भर्ती की गई है। जिसमें से 544 क्लर्क पालिका, परिषदों व नगर निगमों में भेजे गए है। 544 क्लर्कों की ज्वाईनिंग के बाद पानीपत में 10, रोहतक में 36, घरोंडा में दो क्लर्कों को नौकरी से निकाल दिया गया है। उन्होंने शंका जाहिर करते हुए कहा कि नवनियुक्त क्लर्कों की ज्वाईनिंग के बाद लगभग 600 ठेका प्रथा में लगे क्लर्कों की छंटनी कर दी जाएगी।

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