हास्य-व्यंग्य के माध्यम से कलाकारों ने दर्शकों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति किया जागरूक।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 2 नवंबर : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय रत्नावली महोत्सव- 2026 के दूसरे दिन ओपन एयर थिएटर (ओएटी) में स्किट एवं टिट्स एंड बिट्स प्रतियोगिताओं में कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। प्रतियोगिता में 10 टीमों की प्रस्तुतियां जारी हैं। अनिल कौशिक, डॉ. हनीफ और जनार्दन शर्मा निर्णायक की भूमिका निभा रहे हैं। कलाकारों ने हास्य और व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों, पारिवारिक भेदभाव तथा सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसे गंभीर विषयों को उठाते हुए दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया।
भारत कॉलेज ऑफ लॉ, लाडवा की टीम ने अपनी स्किट के माध्यम से बहू और बेटी के बीच किए जाने वाले भेदभाव पर तीखा प्रहार किया। कलाकारों ने दिखाया कि परिवार और समाज में जहां बेटियों को भरपूर प्यार और सम्मान दिया जाता है, वहीं बहुओं को कई बार तानों और भेदभाव का सामना करना पड़ता है। प्रस्तुति के माध्यम से संदेश दिया गया कि बहू और बेटी के रिश्ते भले ही अलग हों, लेकिन दोनों का सम्मान समान होना चाहिए। यदि बेटी को प्यार और सम्मान दिया जाता है तो बहू भी उसी सम्मान की हकदार है।
वहीं, गवर्नमेंट कॉलेज, अंबाला की टीम ने हास्य-व्यंग्य के माध्यम से सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दे को उठाया। कलाकारों ने चुटीले अंदाज में दिखाया कि कुछ लोग चंद पैसों और सोशल मीडिया पर लाइक्स व लोकप्रियता पाने के लिए देश की गोपनीय सूचनाएं तक साझा करने से नहीं हिचकते। टीम ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि आज कुछ लोगों के लिए देश की सुरक्षा से ज्यादा रील वायरल करना महत्वपूर्ण हो गया है। कलाकारों ने संदेश दिया कि थोड़े से पैसों या लोकप्रियता के लालच में देश की गोपनीय जानकारी साझा करना गैर- जिम्मेदाराना कृत्य है। सोशल मीडिया का उपयोग समझदारी से करना और देश की सुरक्षा एवं संस्कृति की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।







