जनसमस्याओं को लेकर उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन 3 नवंबर को

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किसान, मजदूर, छात्र, युवा और महिलाओं की मांगों पर मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन

न्यूनतम वेतन, फसल खरीद, पेंशन और गुरुग्राम की सफाई व स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे उठेंगे

गुरुग्राम, 2 नवंबर। किसान, मजदूर, छात्र, युवा और महिलाओं की मांगों को लेकर 3 नवंबर को सुबह 11 बजे जिला उपायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। जागरूक नागरिक मंच, ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम साझा जन-ज्ञापन सौंपा जाएगा।

श्रमिक संगठन के जिला सचिव श्रवण कुमार गुप्ता और युवा संगठन के प्रांतीय संयोजक बलवान सिंह ने संयुक्त बयान में बताया कि यह प्रदर्शन 26 अक्टूबर को रोहतक में आयोजित प्रदेश स्तरीय किसान-मजदूर-छात्र-युवा-महिला महापंचायत में लिए गए निर्णयों के तहत होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसान, श्रमिक, युवा और महिलाएं विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। नेताओं ने जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रतिनिधिमंडल को तत्काल वार्ता के लिए बुलाने की मांग की।

किसानों के मुद्दों पर संगठनों ने बाजरा और धान की पूरी सरकारी खरीद, खाद-बीज की समय पर पर्याप्त उपलब्धता तथा लागत के डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की कानूनी गारंटी मांगी है। खेतों में जलभराव का स्थायी समाधान और खराब हुई फसलों का उचित मुआवजा भी मांगों में शामिल है।

श्रमिकों के लिए चार श्रम संहिताएं रद्द करने, आठ घंटे का कार्यदिवस सुनिश्चित करने और न्यूनतम मासिक वेतन 42 हजार रुपये करने की मांग उठाई गई है। आशा, मध्याह्न भोजन तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर यही न्यूनतम वेतन देने की मांग भी की गई। संगठनों ने सीवर, निर्माण स्थलों और आयुध कारखानों सहित सभी कार्यस्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने पर जोर दिया।

रोजगार और शिक्षा के संबंध में हरियाणा कौशल रोजगार निगम की व्यवस्था तथा अग्निवीर भर्ती योजना वापस लेने, निगम के कर्मचारियों को नियमित करने और रोजगार को संवैधानिक अधिकार का दर्जा देने की मांग की गई है। ग्रामीण गरीबों को वर्षभर काम की गारंटी देने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 रद्द कर सस्ती, सुलभ, वैज्ञानिक और धर्मनिरपेक्ष शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में रखी जाएगी।

संगठनों ने वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन बढ़ाकर 10 हजार रुपये मासिक करने, परिवार पहचान पत्र योजना रद्द करने तथा संपत्ति पहचान संख्या से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान मांगा है। निजी बसों में भी बुजुर्गों को आधे किराये और विद्यार्थियों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने की मांग की गई। महिला सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने, अपराधियों को सजा दिलाने की व्यवस्था मजबूत करने और महिलाओं से रात्रि पाली में काम न लेने की मांग भी शामिल है।

स्थानीय मुद्दों पर पुराने नागरिक अस्पताल का निर्माण जल्द पूरा करने, शीतला माता चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने और स्वास्थ्य बजट बढ़ाने की मांग उठाई जाएगी। नेताओं ने शहर में नियमित सफाई और कूड़ा उठान सुनिश्चित करने के साथ कचरा संग्रह के नाम पर ठेकेदारों द्वारा कथित अवैध वसूली रोकने की मांग की।

निर्वाचन संबंधी मांगों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण रद्द करने और काटे गए नाम बहाल करने की मांग शामिल है। संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार से भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वार्ता से अलग होने की मांग की गई।

श्रवण कुमार गुप्ता और बलवान सिंह ने नागरिकों से 3 नवंबर को सुबह 11 बजे उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की।

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Author: Bharat Sarathi

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