गुरुग्राम में 5 से 20 नवंबर तक धूल फैलाने वाले निर्माण कार्यों पर रोक

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सरकारी और निजी कार्यालयों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी उपस्थित रहेंगे, शेष घर से करेंगे काम

अस्पताल, जलापूर्ति और मेट्रो सहित निर्धारित परियोजनाओं को छूट; धूल नियंत्रण के उपाय अनिवार्य

गुरुग्राम, 2 नवंबर। वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए गुरुग्राम में 5 से 20 नवंबर 2026 तक धूल उत्पन्न करने वाली तोड़फोड़ और खुले में निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवधि में जिले के राज्य सरकारी और निजी कार्यालयों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय में उपस्थित रहेंगे, जबकि शेष कर्मचारी घर से काम करेंगे। नगर निगम आयुक्त कार्यालय ने सोमवार को संबंधित विभागों और संस्थाओं को निर्देश जारी कर इन व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

पत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के 30 अक्टूबर के आदेश और 2 नवंबर को हुई दूरदृश्य बैठक में आयोग अध्यक्ष द्वारा दिए गए निर्देशों का उल्लेख किया गया है। संबंधित विभागों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों, कार्यकारी संस्थाओं, ठेकेदारों और अन्य प्रतिष्ठानों तक निर्देश तत्काल पहुंचाने को कहा गया है।

प्रतिबंध के दायरे में आने वाले धूल उत्पन्न करने वाले तोड़फोड़ और खुले में निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में बंद रहेंगे। यह रोक राजमार्ग, सड़क, ऊपरी सड़क पुल, विद्युत पारेषण, पाइपलाइन और दूरसंचार से जुड़ी सार्वजनिक परियोजनाओं के संबंधित कार्यों पर भी लागू होगी। प्रत्येक कार्यकारी विभाग और संस्था को ऐसे कार्यों की पहचान कर ठेकेदारों तथा क्षेत्रीय अधिकारियों को काम रोकने के निर्देश देने होंगे। नियमित निरीक्षण के जरिए अनुपालन भी सुनिश्चित करना होगा।

आयोग के आदेश के अनुसार रेलवे, मेट्रो सेवाओं, हवाई अड्डों, अंतरराज्यीय बस अड्डों, अस्पतालों, जलापूर्ति और स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाओं को निर्धारित छूट मिलेगी। राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा संबंधी गतिविधियों और राष्ट्रीय महत्त्व की परियोजनाओं पर भी आदेश में निर्धारित छूट लागू होगी। हालांकि, छूट प्राप्त कार्यों में भी धूल नियंत्रण के सभी लागू उपायों का पालन अनिवार्य रहेगा।

कार्यालयों में कर्मचारियों की सीमित उपस्थिति और घर से काम करने की व्यवस्था लागू करने के लिए उपस्थिति की बारीवार सूची तथा कार्य व्यवस्था पहले से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आवश्यक सेवाओं को आयोग के आदेश के अनुरूप अपवाद मिलेगा, जहां घर से काम करने की व्यवस्था संभव नहीं है।

सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं को एक समन्वय अधिकारी नियुक्त करना होगा। प्रतिबंध की अवधि शुरू होने से पहले नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त, मुख्यालय को कार्रवाई का विवरण देना होगा। इसमें निर्माण कार्य रोकने के लिए जारी निर्देश, निगरानी व्यवस्था और जहां लागू हो, घर से काम करने वाले कर्मचारियों की बारीवार सूची शामिल होगी।

नगर निगम आयुक्त कार्यालय ने उपायुक्त से जिले के सभी विभागों और निजी कार्यालयों के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध भी किया है। साथ ही, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण को अपनी संबंधित शाखाओं और कार्यकारी संस्थाओं से आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।

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Author: Bharat Sarathi

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