सीएंडडी वेस्ट डालने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर की जाए कानूनी कार्रवाई
सभी विभाग अपने अधीन आने वाली सडक़ों को करें दुरुस्त, धूल-मिट्टी, कचरा और सीएंडडी वेस्ट से मुक्त बनाने के निर्देश

गुरुग्राम, 2 नवंबर। गुरुग्राम में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा शहर के सडक़ नेटवर्क को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने संबंधित विभागों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सडक़ों की स्थिति सुधारने और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे को दुरुस्त एवं बेहतर बनाने तथा वहां सफाई, हरियाली और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा।
निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे पर निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सीएंडडी वेस्ट) की अवैध डंपिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए एनएचएआई प्रभावी इनफोर्समेंट कार्रवाई सुनिश्चित करे। यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी एक्सप्रेस-वे के आसपास सीएंडडी वेस्ट डालती हुई पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाकर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एक्सप्रेस-वे का रखरखाव, स्वच्छता और हरियाली सुनिश्चित करना एनएचएआई की जिम्मेदारी है। इसलिए संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्र में नियमित निगरानी रखें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने दें।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया सोमवार को नगर निगम कार्यालय में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में नगर निगम गुरुग्राम, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी), यातायात पुलिस सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में निगमायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीन आने वाली सडक़ों का निरीक्षण करें और उनकी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्योग विहार क्षेत्र में एचएसआईआईडीसी अधिकारी सडक़ों की मरम्मत एवं सुधार कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सडक़ों को धूल-मिट्टी, सीएंडडी वेस्ट और कचरे से पूरी तरह मुक्त रखने के लिए नियमित सफाई एवं निगरानी की व्यवस्था की जाए। सडक़ों पर जमा धूल और मिट्टी वायु प्रदूषण बढ़ाने का प्रमुख कारण बन सकती है, इसलिए इस दिशा में सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
निगमायुक्त ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल सडक़ों की सफाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि सडक़ अवसंरचना को भी बेहतर बनाना आवश्यक है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग अपने अधिकार क्षेत्र की सडक़ों को एंड-टू-एंड पेव्ड कराएं, ताकि सडक़ किनारों पर मिट्टी और धूल जमा न हो। साथ ही यातायात पुलिस यह सुनिश्चित करे कि सडक़ों पर यातायात सुचारू रूप से चलता रहे और अनावश्यक जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने ग्रीन बेल्ट को व्यवस्थित एवं साफ-सुथरा रखने तथा फुटपाथों की मरम्मत और रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सडक़ किनारे हरियाली विकसित एवं व्यवस्थित रखने के साथ पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथों की स्थिति भी बेहतर होनी चाहिए।
निगमायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के तहत निर्धारित सिटी एक्शन प्लान के लक्ष्यों को तय समयावधि में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित कार्यों को गंभीरता से लेते हुए उनकी नियमित समीक्षा की जाए और सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का समयबद्ध तरीके से निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुग्राम में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी विभागों को मिलकर समन्वित प्रयास करने होंगे। सडक़ों का बेहतर रखरखाव, नियमित सफाई, अवैध सीएंडडी वेस्ट डंपिंग पर रोक, व्यवस्थित ग्रीन बेल्ट और सुचारू यातायात व्यवस्था जैसे कदम शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि गुरुग्राम के नागरिकों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।








