चार पूर्व विधान सभा अध्यक्षों और दो पूर्व उपाध्यक्षों सहित प्रदेश के वरिष्ठतम और युवा जनप्रतिनिधि होंगे सम्मेलन में शामिल
चंडीगढ़, 1 नवंबर। हरियाणा विधान सभा की ओर से 2 नवंबर को पंचकूला स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाले जनप्रतिनिधि सम्मेलन में प्रदेश की विधायी परंपरा की कई पीढ़ियों का प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। सम्मेलन में अब तक 57 वर्तमान विधायकों और 176 पूर्व विधायकों ने शामिल होने की सहमति दी है। इनमें प्रदेश के चार पूर्व विधान सभा अध्यक्ष, दो पूर्व उपाध्यक्ष, सात बार विधायक चुने गए वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों से लेकर पहली बार विधानसभा पहुंचे युवा विधायक तक शामिल हैं।
सम्मेलन में पूर्व विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, कंवर पाल, कुलदीप शर्मा और डॉ. रघुवीर सिंह कादियान भाग लेंगे। इनके अलावा पूर्व उपाध्यक्ष संतोष यादव और आजाद मोहम्मद भी सम्मेलन में शामिल होंगे। इन वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति से सम्मेलन में प्रदेश की विधायी परंपराओं, संसदीय अनुभव और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श को व्यापक आधार मिलेगा।
विधायी अनुभव की दृष्टि से बेरी के विधायक डॉ. रघुवीर सिंह कादियान और कैबिनेट मंत्री अनिल विज भी सम्मेलन में विशेष आकर्षण होंगे। दोनों सात-सात बार विधायक चुने जा चुके हैं। वहीं, छह बार विधायक चुने गए नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मंत्री प्रो. सम्पत सिंह भी सम्मेलन में शामिल होंगे। छह बार विधायक चुने गए कैप्टन अजय सिंह यादव के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
सम्मेलन में प्रदेश के वरिष्ठतम पूर्व विधायकों में शामिल गणपत राय और ओपी भारद्वाज भी शिरकत करेंगे। दोनों का जन्म वर्ष 1935 में हुआ था। गणपत राय का जन्म जून और ओपी भारद्वाज का जन्म जुलाई में हुआ था। वहीं, महिला जनप्रतिनिधियों में वरिष्ठतम आयु की सावित्री जिन्दल भी कार्यक्रम में शामिल होंगी।
दूसरी ओर, सम्मेलन में युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे युवा विधायक आदित्य सुरजेवाला और सबसे युवा महिला विधायक विनेश फौगाट भी भाग लेंगी। आदित्य सुरजेवाला का जन्म वर्ष 1998 में और विनेश फौगाट का जन्म वर्ष 1994 में हुआ था।
हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि जनप्रतिनिधि सम्मेलन संवैधानिक मूल्यों, हरियाणा की विकास यात्रा और विकसित हरियाणा के लक्ष्य को हासिल करने में जनभागीदारी की भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श का मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में इस बात पर विशेष मंथन होगा कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में जनप्रतिनिधि किस प्रकार प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।








