लोकतंत्र, संविधान और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा, भाजपा सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का लगाया आरोप
हरियाणा और उत्तराखंड सहित देशभर से दिल्ली पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का जताया आभार, कहा – जनता की आवाज को पुलिस और प्रशासन के बल पर नहीं दबाया जा सकता
नई दिल्ली/सिरसा, 01 नवंबर। सिरसा की सांसद, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य, उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी एवं पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण जनआंदोलन बताते हुए कहा कि रैली में उमड़ा जनसैलाब केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों के प्रति जनता के बढ़ते आक्रोश का प्रतीक है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों, विशेष रूप से हरियाणा और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। उन्होंने रैली में पहुंचे सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
सांसद ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को लगातार कमजोर कर रही है। संसद में विपक्ष को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जाता। लोकतंत्र में असहमति और विरोध का सम्मान होना चाहिए, लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और स्वतंत्रता लोकतंत्र की बुनियाद है। मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का सरकार को पारदर्शिता के साथ जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव करके अपनी दोहरी नीति उजागर कर रही है।
सांसद ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक मर्यादाओं और प्रत्येक नागरिक के वोट के अधिकार की रक्षा के लिए है। चुनावी प्रक्रिया के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना सरकार और संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
कुमारी सैलजा ने शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रदर्शनों की अनुमति में आने वाली बाधाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल राजनीतिक असहमति को दबाने के लिए नहीं होना चाहिए।
सांसद ने कहा कि दिल्ली की महारैली से निकला संदेश देश के गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश की जागरूक जनता लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभाएगी।








