गीतों, रागनियों, लोकनृत्य और नाटक से सजा हरियाणा दिवस समारोह
मुख्य अतिथि शालिनी चेतल ने वरिष्ठ नागरिकों की सक्रियता और सामाजिक योगदान को बताया प्रेरणास्रोत

हिसार, 1 नवंबर। वानप्रस्थ वरिष्ठ नागरिक क्लब में हरियाणा दिवस उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। लोकगीतों, रागनियों, समूह नृत्य और नाटक की प्रस्तुतियों में हरियाणा की समृद्ध संस्कृति और लोकजीवन के विविध रंग दिखाई दिए। ‘मैं तो घूम-घूम आई सारे देसां में, प्यारा लागे मन्नै हरियाणा जी’ गीत पर समूह नृत्य ने समारोह में विशेष आकर्षण पैदा किया।
समारोह की मुख्य अतिथि हिसार की अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल का क्लब के सदस्यों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। महिला सदस्यों ने उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। पार्षद राजेश अरोड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

क्लब के महासचिव डॉ. जे. के. डांग ने अतिथियों और सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा दिवस अपनी मिट्टी, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने तथा प्रदेश की गौरवशाली पहचान पर गर्व करने का अवसर है। मंच संचालन अजीत सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि वानप्रस्थ वरिष्ठ नागरिकों को सक्रिय, रचनात्मक और सामाजिक जीवन से जुड़े रहने का अवसर प्रदान करता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ राज रानी मल्हान और उनकी साथियों की सामूहिक प्रस्तुति ‘हरि-भरी सै धरती, यो सीधा-सादा बाणा’ से हुआ। समूह गान में डॉ. पुष्पा खरब, सरोज ग्रेवाल, डॉ. इंदु गहलावत, डॉ. दीप पूनिया, डॉ. कृष्णा हुड्डा, डॉ. वीना मनोचा, वीना अग्रवाल, विजय लक्ष्मी गहलोत, सुनीता बहल, रमा मुंजाल और आदेश मलिक ने भाग लिया।

राज रानी मल्हान के नेतृत्व में तैयार समूह नृत्य में डॉ. दीप पूनिया, डॉ. इंदु गहलावत, मंजू अरोड़ा, आदेश मलिक, सरोज ग्रेवाल, डॉ. कृष्णा हुड्डा, सुनीता बहल, वीना अग्रवाल और विजय लक्ष्मी गहलोत ने प्रस्तुति दी। ‘प्यारा लागे मन्नै हरियाणा जी’ के स्वरों पर कलाकारों की भाव-भंगिमाओं और लयबद्ध कदमों ने दर्शकों की सराहना बटोरी।

डॉ. इंदु गहलावत ने ‘माँ-बापां की मैं घणी लाड़ली’, ‘लखमीचंद कै ब्याही ए’ और ‘मेरा लाल दुपट्टा’ गीतों के माध्यम से पारिवारिक स्नेह और ग्रामीण जीवन की भावनाओं को स्वर दिए। डॉ. अजीत कुंडू ने ‘मेरे कहे ते बया करवा ले’ रागनी प्रस्तुत की। डॉ. दीप पूनिया ने ‘हे खाकी बरदी, बूट रबड़ के, हे ठाठ-बाट तैं आया’ गीत से कार्यक्रम में उत्साह भरा।

शशि आर्य और राज बहादुर आर्य ने हरियाणवी नाटक के माध्यम से स्थानीय जीवन और सामाजिक परिवेश की झलक प्रस्तुत की। डॉ. पुष्पा खरब ने ‘मेरे सिर पै बंटा टोकनी’ गीत सुनाया। अजीत सिंह ने ‘गंगा जी के प्यार में’ और डॉ. आर. के. सैनी ने ‘यारी बिन संसार अधूरा, मेरा यार मेरा भगवान’ गीत प्रस्तुत किया।
वीना अग्रवाल ने ‘न्यारा हो जा रे भरतार, तेरी माँ लड़ै दिन-रात’ गीत से हरियाणवी लोकजीवन की घरेलू परिस्थितियों को रोचक अंदाज में उकेरा। राज गर्ग ने ‘श्वेत मुकुट है मस्तक सोहे, गीता का संदेश जहाँ…’ काव्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का गुणगान किया।
मुख्य अतिथि शालिनी चेतल ने हरियाणा दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पिछले 60 वर्षों में प्रदेश ने बहुमुखी विकास किया है। वानप्रस्थ के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ आकर उन्हें प्रेरणा मिलती है और समाज के लिए कुछ अच्छा करने का संकल्प मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि संस्था वरिष्ठ नागरिकों के मनोरंजन और आपसी मेल-मिलाप के साथ सामाजिक सरोकारों में भी योगदान दे रही है। सदस्यों का उत्साह, सक्रियता और सामाजिक प्रतिबद्धता अन्य लोगों तथा संस्थाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समूह गान और समूह नृत्य के प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया।
क्लब के प्रधान डॉ. एस. के. अग्रवाल ने अतिथियों, कलाकारों, सदस्यों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से समारोह यादगार बना। कार्यक्रम के प्रबंधन में डॉ. एम. एस. चौहान, डॉ. राजेंद्र जैन, डॉ. सुदर्शन मेहता, डॉ. नीलम परुथी और अशोक खट्टर का विशेष योगदान रहा। समारोह के अंत में सभी ने सहभोज का आनंद लिया।








