पंचकूला के स्कूल में विशेष बच्चों की घटना पर हरियाणा सरकार गंभीर

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*शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित*

 *इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार*

चंडीगढ़, 31 अक्टूबर- पंचकूला के एक स्कूल में विशेष आवश्यकता वाले एक छोटे बच्चे के साथ हुई घटना पर हरियाणा सरकार ने संज्ञान लिया है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनके कल्याण में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार पीड़ित बच्चे के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती है और इस कठिन समय में पूरी संवेदनशीलता के साथ परिवार के साथ खड़ी है।

हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने बताया कि इस गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन पंचकूला द्वारा तुरंत जांच आदेश जारी कर दिए हैं। पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, पुलिस आयुक्त द्वारा नामित पुलिस अधिकारी तथा एक विशेष शिक्षक या बाल मनोवैज्ञानिक को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि यह जांच समिति विभिन्न प्रमुख बिंदुओं पर गहनता से जांच करेगी, जिसमें घटना के संपूर्ण घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से जांच, कक्षा अध्यापकों, सहायकों और विशेष शिक्षकों की ऑन-ड्यूटी उपस्थिति और उनकी जवाबदेही तय करना शामिल है। इसके अलावा, समिति इस बात की भी जांच करेगी कि स्कूल परिसर में सुरक्षा और निगरानी के नियमों की पालना में कहां चूक हुई, बच्ची को समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचाने में कितनी देर हुई तथा क्या स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षा मंत्रालय के स्कूल सुरक्षा और संरक्षा दिशा-निर्देशों (2021) एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016) के प्रावधानों का पूर्ण पालन किया गया था या नहीं। जांच समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन बच्चे के इलाज का सारा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और परिवार की सहायता के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, पुलिस अपनी स्वतंत्र जांच कर रही है और किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act, 2015) के नियमों के तहत पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। कानून की धारा 74 के तहत बच्चों और स्कूल की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है ताकि किसी भी परिवार को मानसिक या सामाजिक क्षति न पहुंचे।

शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा के निर्देशों के तहत, शिक्षा विभाग अब पंचकूला सहित पूरे हरियाणा राज्य के विद्यालयों में सुरक्षा का एक व्यापक सुरक्षा ऑडिट  कराएगा। इस ऑडिट के माध्यम से विशेष रूप से छोटे बच्चों और विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की देखरेख, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली की सक्रियता और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से आम जनता तथा मीडिया से अपील की गई है कि वे इस घटना से संबंधित कोई भी वीडियो या पहचान उजागर करने वाली जानकारी साझा न करें। किशोर न्याय अधिनियम के तहत ऐसा करना एक दंडनीय अपराध है। सरकार पीड़ित बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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Author: Bharat Sarathi

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