दिल्ली और गुरुग्राम समेत पांच जिलों में राज्य सरकार व निजी कार्यालयों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी उपस्थित रहेंगे
पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू होंगे निर्माण संबंधी प्रतिबंध, आवश्यक परियोजनाओं को छूट
गुरुग्राम, 31 अक्टूबर। नवंबर में वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अग्रिम प्रतिबंध लागू करने का आदेश जारी किया है। इसके तहत 5 से 20 नवंबर 2026 तक पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में धूल पैदा करने वाले ध्वस्तीकरण और खुले में होने वाले निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी। वहीं, दिल्ली सहित गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में राज्य सरकार तथा निजी कार्यालयों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी ही उपस्थित होकर काम करेंगे। शेष कर्मचारी घर से कार्य करेंगे।
आयोग के सदस्य सचिव तरुण कुमार पिथोड़े की ओर से 30 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, निर्माण संबंधी प्रतिबंध राजमार्गों, सड़कों, ऊपरी सड़क पुलों, विद्युत पारेषण, पाइपलाइन और दूरसंचार जैसी सार्वजनिक परियोजनाओं पर भी लागू होंगे। इसका उद्देश्य प्रदूषण बढ़ने से पहले ही उत्सर्जन को स्रोत पर कम करना और हवा में प्रदूषक तत्वों का जमाव रोकना है।
रेलवे, मेट्रो सेवाओं, हवाई अड्डों, अंतरराज्यीय बस अड्डों, अस्पतालों, जलापूर्ति और स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाओं को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा संबंधी गतिविधियां तथा राष्ट्रीय महत्त्व की परियोजनाएं भी छूट के दायरे में रहेंगी, ताकि आवश्यक कार्य बाधित न हों।
कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति संबंधी व्यवस्था से ऐसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आवश्यक सेवाओं को छूट मिलेगी, जहां घर से काम करना संभव नहीं है। यह व्यवस्था दिल्ली और आदेश में उल्लिखित पांच जिलों तक सीमित रहेगी, जबकि निर्माण संबंधी प्रतिबंध पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू होंगे।
आयोग ने आदेश में बताया है कि वर्ष 2018 से 2025 तक के नवंबर माह के दैनिक वायु गुणवत्ता सूचकांक के अध्ययन में शुरुआती और मध्य नवंबर के दौरान प्रदूषण बढ़ने का बार-बार सामने आने वाला रुझान मिला है। कुछ दिनों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ और ‘गंभीर से भी अधिक’ श्रेणी में पहुंची। स्थानीय उत्सर्जन, फसल अवशेष और अन्य जैविक पदार्थ जलाने के साथ प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियां प्रदूषण का स्तर बढ़ाती हैं। हवा की धीमी गति और वायुमंडल में प्रदूषकों का फैलाव कम होने से स्थिति और बिगड़ती है।
आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से संबंधित राज्य सरकारों तथा दिल्ली सरकार के सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को निर्धारित अवधि में निर्देश लागू करने को कहा है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ये उपाय एहतियाती हैं और निश्चित अवधि तथा निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र के लिए लागू किए गए हैं।








