151 मामलों में जुर्माना अस्वीकार, 62 मामलों में नोटिस जारी, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए निर्धारित की एसओपी
गुरुग्राम, 31 अक्टूबर। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया द्वारा 24 घंटे चैलेंज के तहत नागरिकों की शिकायतों और सेवा स्तर समझौते (एसएलए) के उल्लंघन से जुड़े मामलों के तहत विभिन्न जोन में कुल 215 मामलों की समीक्षा की गई। इनमें 2 मामलों में जुर्माना लगाया गया, 151 मामलों में जुर्माना अस्वीकार किया गया, जबकि 62 मामलों में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
नगर निगम द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार, नागरिकों से प्रतिकूल फीडबैक मिलने या एसएलए का उल्लंघन होने पर संबंधित क्लस्टर हेड शिकायत की समीक्षा करते हैं। इसके बाद संबंधित जोन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा जाता है। जवाब की समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाता है। शिकायत का संतोषजनक समाधान होने तक संबंधित अधिकारी या कर्मचारी का वेतन रोके जाने का भी प्रावधान निर्धारित किया गया है।
निगमायुक्त द्वारा की गई समीक्षा के दौरान जोन-1 क्षेत्र में 24 मामले रखे गए, जिनमें 1 मामले में जुर्माना लगाया गया, 21 में जुर्माना अस्वीकार किया गया तथा 2 नोटिस जारी किए गए। जोन-2 में 2 मामलों में जुर्माना अस्वीकार किया गया। जोन-3 में 16 मामलों में से 1 मामले में जुर्माना लगाया गया, 4 में जुर्माना अस्वीकार किया गया तथा 11 नोटिस जारी किए गए।
इसी प्रकार जोन-4 में 67 मामलों की समीक्षा करते हुए 54 में जुर्माना अस्वीकार किया गया तथा 13 नोटिस जारी किए गए। जोन-5 में 17 मामलों में से 13 में जुर्माना अस्वीकार किया गया तथा 4 नोटिस जारी किए गए। जोन-6 में 89 मामलों की समीक्षा के दौरान 57 में जुर्माना अस्वीकार किया गया तथा 32 नोटिस जारी किए गए।
कचरा प्रबंधन में लापरवाही प्रमुख चुनौती
कुछ ऐसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इनमें पालम विहार, सेक्टर-23, सेक्टर-45, सुशांत लोक-1, आरडी सिटी, सेक्टर-56 और सेक्टर-57 शामिल हैं। खाली प्लॉटों का मालिकों द्वारा उचित रखरखाव नहीं किया जाना उनमें कचरा डाले जाने का एक प्रमुख कारण है। ऐसे क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी तय करना महत्वपूर्ण है।
शिकायतों के समाधान और जवाबदेही पर जोर
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम द्वारा निर्धारित एसपी के तहत शिकायतों की समीक्षा, संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगने और अंतिम निर्णय लेने की प्रक्रिया तय की गई है। इसका उद्देश्य शिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही सुनिश्चित करना और सेवा स्तर से जुड़े मामलों में उचित कार्रवाई करना है।








