*राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुख्यमंत्री ने दिलाई एकता की शपथ, सरदार वल्लभभाई पटेल को दी श्रद्धांजलि*
*दो लाख से अधिक युवाओं को बिना पर्ची-बिना खर्ची के सरकारी नौकरी देकर समाप्त की सिफारिश की संस्कृति*

चंडीगढ़, 31 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए जो संकल्प लिया था, वह आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। सरदार पटेल ने भारत को जोड़ा था और अब हमारा दायित्व है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करें।
मुख्यमंत्री शनिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय परिसर में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस शपथ समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने सरदार पटेल को पुष्प अर्पित कर नमन किया और प्रदेशवासियों को उनकी जयंती की शुभकामनाएं दीं और उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 1947 में देश आजाद तो हुआ, लेकिन उस समय भारत सैकड़ों रियासतों में बंटा हुआ था। अलग-अलग रियासतों के अपने झंडे और व्यवस्थाएं थीं। दुनिया में चर्चा थी कि भारत एकजुट नहीं रह पाएगा, लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपने दृढ़ संकल्प और दूरदर्शिता से रियासतों का भारत में विलय करवाकर देश को एकता के सूत्र में बांधा। जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी रियासतों के मामले में भी उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि भारत की एकता के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की उपाधि उन्हें अंग्रेजों ने नहीं दी थी। सरदार पटेल को किसानों ने उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने पर ‘सरदार’ की उपाधि दी थी। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्र की एकता के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और जनसेवा का भाव कितना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने अखिल भारतीय सेवाओं की नींव रखी, जिन्हें देश का स्टील फ्रेम कहा जाता है। उन्होंने 21 अप्रैल, 1947 को अधिकारियों को संबोधित करते हुए सेवा, निष्पक्षता और ईमानदारी को प्रशासन की आत्मा बताया था। उनका मानना था कि अखिल भारतीय सेवाओं के बिना अखंड भारत की कल्पना नहीं की जा सकती। एकता केवल नक्शे पर खींची गई लकीरों से नहीं बनती, बल्कि फाइलों पर लिए गए निष्पक्ष निर्णयों और जनता के विश्वास से मजबूत होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक को यह महसूस होना चाहिए कि सरकार उसकी अपनी सरकार है। हरियाणा सरकार भी इसी भावना के साथ सुशासन और जनसेवा के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। प्रदेश में पिछले समय में दो लाख से अधिक युवाओं को बिना पर्ची-बिना खर्ची के सरकारी नौकरियां दी गई हैं और सिफारिश की संस्कृति को समाप्त किया गया है। यही सरदार पटेल के सुशासन के सपने की भावना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू की। साथ ही, विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण करवाकर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। आज यह प्रतिमा पूरी दुनिया को भारत की एकता और अखंडता का संदेश दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एकता को तोड़ने वाली ताकतें कभी क्षेत्रवाद, कभी भाषावाद और कभी अफवाहों के माध्यम से समाज को बांटने का प्रयास करती हैं। इनका जवाब हमारी एकता है। हमारा संकल्प ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ का है। हमें मिलकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर हम सभी राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संकल्प लें। सरदार पटेल ने देश को एकजुट किया था और अब वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में हरियाणा को भी प्रमुख भूमिका निभानी है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान से सभी परिचित हैं। आजादी के समय देश अनेक रियासतों में बंटा हुआ था और ऐसे में देश को एकजुट रखना तथा उसका प्रशासन चलाना बड़ी चुनौती थी। सरदार पटेल की दृढ़ता, क्षमता और कुशलता का ही परिणाम था कि उन्होंने देश को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया।
इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, डॉ सुमिता मिश्रा सहित अधिकारीगण और कर्मचारी उपस्थित थे।








