कांग्रेस नेता का आरोप—अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्यक्रम आयोजित कर तस्वीरें भेजने का दबाव बनाया गया
गुरुग्राम, 18 सितंबर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भारत मदान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र और सार्वजनिक धन का इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाया गया, जबकि आम जनता का भाजपा से मोहभंग हो चुका है।
भारत मदान ने कहा कि जन्मदिन एक व्यक्तिगत अथवा पार्टी से जुड़ा आयोजन है, लेकिन इसके लिए पूरे प्रशासनिक अमले को लगा देना सरकारी मशीनरी का राजनीतिक इस्तेमाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि 17 सितंबर को प्रदेशभर में सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य कर्मचारियों से दीये जलवाए गए।
कर्मचारियों पर दबाव डालने का आरोप
मदान ने कहा कि सरकारी कर्मचारी जनता की सेवा के लिए नियुक्त हैं, किसी राजनीतिक दल के प्रचार के लिए नहीं। आरोप है कि हरियाणा सरकार ने विभिन्न विभागों को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर कार्यक्रम आयोजित करने, तस्वीरें खिंचवाने और उन्हें उच्च अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो अधिकारी अथवा कर्मचारी इन कार्यक्रमों में शामिल नहीं होना चाहते थे, उन पर वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से दबाव बनाया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताते हुए कहा कि सरकारी तंत्र को किसी दल के प्रचार का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
समस्याओं से त्रस्त जनता, सरकार जश्न में व्यस्त
भारत मदान ने कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, टूटी सड़कों, जलभराव और बढ़ते अपराध से परेशान है। गुरुग्राम में मामूली बारिश के बाद जलभराव हो जाता है और युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सरकार जनसमस्याओं के समाधान के बजाय उत्सव मनाने में व्यस्त है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 11 वर्षों के शासन से जनता निराश है और अब बदलाव चाहती है। प्रधानमंत्री का जन्मदिन सरकारी कार्यालयों और भाजपा संगठन तक ही सीमित रहा तथा आम लोगों ने इससे दूरी बनाए रखी।
भारत मदान ने मांग की कि सरकारी तंत्र और कर्मचारियों का राजनीतिक प्रचार के लिए इस्तेमाल तत्काल बंद किया जाए। भाजपा को ऐसे आयोजन अपने संगठन और कार्यकर्ताओं के बल पर करने चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में जनता इसका जवाब वोट के माध्यम से देगी।








