ट्रैफिक फ्लो के आधार पर मेट्रो विस्तार की करें एकीकृत प्लानिंग: सीईओ जीएमडीए

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फेज-1 के सभी स्टेशनों का स्टेशनवार पार्किंग प्लान 2 सप्ताह में मांगा; बड़े चौराहों से 50–100 मीटर दूर स्टेशन बनाने के विकल्प तलाशें

गुरुग्राम, 18 सितंबर। गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार की प्लानिंग अब सिर्फ ट्रैक और स्टेशन बनाने तक सीमित नहीं रहेगी। मेट्रो स्टेशन, पार्किंग, पिक एंड ड्रॉप, ट्रैफिक फ्लो और पैदल यात्रियों की आवाजाही की एकीकृत प्लानिंग करनी होगी, ताकि भविष्य में किसी वजह से सड़क पर ट्रैफिक जाम ना हो और लोगों को मेट्रो की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो ।

गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए ) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री पीसी मीणा ने गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल ) के अधिकारियों के साथ हुई समन्वय बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन और कॉरिडोर का अलाइनमेंट तय करते समय मौजूदा ट्रैफिक व्यवस्था, भविष्य की सड़क जरूरतों और हरित क्षेत्र को होने वाले प्रभाव को ध्यान में रखा जाए।

हर स्टेशन का पार्किंग प्लान 2 सप्ताह में

जीएमआरएल को फेज-1 के सभी स्टेशनों का स्टेशनवार विस्तृत पार्किंग प्लान दो सप्ताह में देने के निर्देश दिए गए हैं। स्टेशन डिजाइन में पर्याप्त पार्किंग और पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था हो, ताकि मेट्रो यात्रियों के वाहन सुविधाजनक तरीके से खड़े किए जा सकें और इनसे सड़क पर आवागमन बाधित ना हो । पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और आसपास की सड़कों से बेहतर कनेक्टिविटी को भी स्टेशन प्लानिंग का हिस्सा बनाने को कहा गया।इसके अलावा, यह भरोसा भी दिलवाया गया है कि पार्किंग के लिए यदि कहीं नज़दीक सरकारी ज़मीन होगी और आवश्यकता हुई तो वह भी उपलब्ध करवा दी जाएगी ।

भविष्य के अंडरपास के लिए अभी से जगह रखें

श्री मीणा ने अधिकारियों को भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों को ध्यान में रखकर प्लानिंग करने और महत्वपूर्ण स्थानों पर आर ओ डब्लू सुरक्षित रखने के निर्देश दिए, ताकि आगे सड़क चौड़ीकरण और ग्रेड सेपरेटर बनाए जा सकें।

फेज-1 में बख्तावर चौक पर भविष्य में अंडरपास की संभावना को ध्यान में रखते हुए किए गए प्रावधानों का हवाला देते हुए उन्होंने फेज-2 की प्लानिंग में भी ऐसे फॉरवर्ड लुकिंग प्रावधान करने को कहा। बजघेड़ा चौक, ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड और सेक्टर-21 में इंटीग्रेटेड व डबल-डेकर समाधान तथा सेक्टर 3/3ए/4/5 चौक, शीतला माता चौक और रेजांगला चौक पर अंडरपास की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

ग्रीन बेल्ट को नुकसान न हो, साइट पर होगा अलाइनमेंट का निरीक्षण

सुशील ऐमा मार्ग के साथ प्रस्तावित मेट्रो अलाइनमेंट की जीएमआरएल अधिकारियों के साथ संयुक्त साइट विजिट की जाएगी। श्री मीणा ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि इस मार्ग के साथ ग्रीन बेल्ट में लगे पेड़ों को कम से कम क्षति हो, इसके लिए जरूरत के अनुसार वैकल्पिक अलाइनमेंट तलाशे जाएं। साइट निरीक्षण में जमीन पर आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनका समाधान प्लानिंग स्तर पर करने पर जोर दिया गया।

एफओबी और बस स्टॉप भी होंगे शिफ्ट

प्रस्तावित अलाइनमेंट में आ रहे सेक्टर-37 और बसई के फूट ओवर ब्रिज (एफओबी) को वैकल्पिक स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। इन्हें हटाने की जिम्मेदारी जीएमआरएल की होगी, जबकि नए स्थान पर लगाने का काम जीएमडीए करेगा।

मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-37, बसई और सेक्टर-9 के प्रभावित बस स्टॉप भी उपयुक्त स्थानों पर शिफ्ट किए जाएंगे। अलाइनमेंट के रास्ते में आने वाली एचसीजी गैस पाइपलाइनों की शिफ्टिंग का काम भी जारी है।

28.5 किमी का होगा मेट्रो नेटवर्क

प्रस्तावित गुरुग्राम मेट्रो नेटवर्क लगभग 28.5 किमी लंबा होगा। इसमें मिलेनियम सिटी सेंटर से साईबर सिटी तक मुख्य कॉरिडोर तथा बसई गांव से द्वारका एक्सप्रेसवे की ओर 1.85 किमी का स्पर शामिल है।

फेज-1 में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक 15.3 किमी और द्वारका एक्सप्रेसवे की ओर 1.85 किमी स्पर शामिल है, जिसका निर्माण चल रहा है। फेज-2 में सेक्टर-9 से साईबर सिटी तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा, जिससे पुराने और नए गुरुग्राम के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और रोजगार क्षेत्रों को कनेक्टिविटी मिलेगी।

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Author: Bharat Sarathi

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