राम रहीम ने मंत्री, सांसद, विधायकों को भी बनाया नपुसंक : जयहिंद
बाबा निर्दोष हैं तो पैरोल नहीं, सीधे रिहाई दो : नवीन जयहिंद
सजायाफ्ता राम रहीम के समर्थन में छपे विज्ञापनों पर नवीन जयहिंद का बड़ा हमला, बोले- न्यायपालिका और मीडिया के चौथे खंभे पर हो रहा है नंगा नाच
रोहतक, 14 सितंबर 2026 – सोमवार को रोहतक के मैना टूरिज्म में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवीन जयहिंद ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के समर्थन में देश के बड़े अखबारों में छपे विज्ञापनों को लेकर गंभीर सवाल उठाए
उन्होंने कहा कि एक सजायाफ्ता व्यक्ति के समर्थन में इस तरह के विज्ञापन प्रकाशित होना न्यायपालिका और मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
कल नवाज शरीफ भी विज्ञापन देगा तो क्या अखबार छाप देंगे? : जयहिंद
नवीन जयहिंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और आतंकवादी हाफिज सईद की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि अगर कल ये लोग भारत के बड़े अखबारों में विज्ञापन देकर अपने अपराधों से इनकार करें, तो क्या अखबार उनके विज्ञापन भी प्रकाशित करेंगे?
उन्होंने कहा कि यह केवल एक विज्ञापन का मामला नहीं है, बल्कि पैसे और प्रभाव के दम पर मीडिया तथा न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने का गंभीर मुद्दा है।
दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर और द हिंदू अखबार पर जयहिंद उठाए सवाल
नवीन जयहिंद ने कहा कि दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर जैसे बड़े हिंदी अखबारों में राम रहीम के समर्थन में विज्ञापन प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने अंग्रेजी अखबार द हिंदू में प्रकाशित विज्ञापन का भी जिक्र किया और कहा कि अखबार ने बाद में माफी मांगी, लेकिन इतनी बड़ी जगह पर विज्ञापन छापना अपने आप में गंभीर विषय है।
उन्होंने अखबारों के मालिकों से सवाल करते हुए कहा कि क्या वे किसी ऐसे व्यक्ति का विज्ञापन भी प्रकाशित करेंगे, जिस पर गंभीर आपराधिक आरोप हों और जिसे अदालत से सजा मिल चुकी हो?
न्यायपालिका और मीडिया के चौथे खंभे पर हो रहा है नंगा नाच : जयहिंद
नवीन जयहिंद ने कहा कि विज्ञापनों में न्यायपालिका और राम रहीम से जुड़े मामलों को लेकर जिस तरह की बातें लिखी गई हैं, वे अदालत के फैसलों पर सवाल उठाती हैं।
उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया जाना चाहिए और यह जांच होनी चाहिए कि सजायाफ्ता व्यक्ति के समर्थन में इस तरह के विज्ञापन किस आधार पर प्रकाशित किए गए।
राम रहीम को लेकर बड़ा दावा, जयहिंद ने की जांच की मांग
नवीन जयहिंद ने डेरा सच्चा सौदा से जुड़े पुराने मामलों और कथित तौर पर लोगों को नपुंसक बनाए जाने के आरोपों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास सूत्रों के माध्यम से कुछ राजनीतिक नेताओं, सांसदों, विधायकों, न्यायाधीशों, पत्रकारों और मंत्रियों के नामों से जुड़ी जानकारी आई है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में लगभग 400 लोगों को नपुंसक बनाए जाने की बात सामने आई थी और उनके पास इससे जुड़े नामों की जानकारी होने का दावा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस जानकारी की जांच करवाई जानी चाहिए।
नवीन जयहिंद ने मांग की कि हाईकोर्ट इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाए और यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
बाबा निर्दोष हैं तो पैरोल नहीं, सीधे रिहाई दो : जयहिंद
नवीन जयहिंद ने कहा कि यदि गुरमीत राम रहीम के खिलाफ दर्ज मामलों में उनके साथ अन्याय हुआ है और वे निर्दोष हैं, तो उन्हें बार-बार पैरोल देने की बजाय अदालत को मामले का जल्द फैसला करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर बाबा निर्दोष हैं तो उन्हें सीधे रिहा किया जाए। वहीं, अगर उनके खिलाफ लगाए गए आरोप और अदालत के फैसले सही हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हरियाणा में हजारों सजायाफ्ता कैदियों को क्या इसी तरह बार-बार पैरोल मिल रही है?
आम घरों की बेटियों ने हिम्मत दिखाई, इसलिए मैं खड़ा हूं : जयहिंद
नवीन जयहिंद ने राम रहीम से जुड़े यौन शोषण के मामलों में शिकायत करने वाली महिलाओं की हिम्मत की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये आम घरों की बेटियां थीं, जिन्होंने दबाव के बावजूद लड़ाई लड़ी।
उन्होंने कहा कि अगर किसी बड़े नेता, जज, आईएएस या आईपीएस अधिकारी की बेटी के साथ ऐसा हुआ होता तो क्या समाज और मीडिया इसी तरह चुप रहता?
उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक विचारधारा या व्यक्ति विशेष के समर्थन में नहीं, बल्कि न्याय और आम लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं।
जयहिंद की अखबारों से सार्वजनिक माफी की मांग
नवीन जयहिंद ने दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर समेत संबंधित अखबारों से पूरे पेज पर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि बड़े अखबारों में ऐसे विज्ञापन प्रकाशित किए जाते हैं तो उनकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया जाए और मीडिया संस्थानों की भूमिका की जांच हो।
पैसा और पावर के आगे सब चुप क्यों हैं? : जयहिंद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवीन जयहिंद ने राजनीतिक दलों, सांसदों, विधायकों और सामाजिक संगठनों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मामले में कोई भी राजनीतिक दल खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी सजायाफ्ता व्यक्ति को बड़े अखबारों में विज्ञापन देकर अपनी छवि चमकाने की अनुमति है, तो कल कोई भी अपराधी पैसे के दम पर ऐसा कर सकता है।








