हरियाणा में पुलिस के 30 प्रतिशत पद खाली, कानून-व्यवस्था पर ध्यान दे सरकार : कुमारी सैलजा

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गैंगस्टरों की धमकियों से प्रदेश में भय का माहौल, सुरक्षा मांगने वालों की बढ़ती संख्या सरकार की विफलता का संकेत

पंजाब की राजनीति के बजाय हरियाणा की कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं पर ध्यान दें मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 14 सितंबर। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। प्रदेश के लगभग हर बड़े शहर में व्यापारियों, चिकित्सकों, जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों को गैंगस्टरों से धमकियां मिलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। अनेक लोगों को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवानी पड़ रही है। सुरक्षा मांगने वालों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं और आम नागरिक स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की आबादी और अपराधों के बदलते स्वरूप को देखते हुए पुलिस बल की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए थी, लेकिन वर्तमान में हरियाणा में स्वीकृत पदों में से भी लगभग 30 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार हरियाणा पुलिस में 25 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। कांस्टेबल से लेकर पुलिस उपाधीक्षक स्तर तक अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। अकेले कांस्टेबल के करीब 14 हजार पद खाली होना बेहद गंभीर स्थिति है। इससे मौजूदा पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है और अपराधों की रोकथाम तथा जांच व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

सांसद ने कहा कि सरकार ने लगभग 5600 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है और आगामी समय में अन्य भर्तियों की बात कही जा रही है, लेकिन मौजूदा संकट को देखते हुए यह गति पर्याप्त नहीं है। सरकार को वर्ष 2030 तक इंतजार करने के बजाय सभी रिक्त पदों को चरणबद्ध एवं समयबद्ध तरीके से शीघ्र भरना चाहिए। इसके साथ ही बढ़ती आबादी, नए शहरी क्षेत्रों, साइबर अपराध, नशा तस्करी और संगठित अपराध की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल के नए पद भी स्वीकृत किए जाने चाहिए।

अपराधियों और नशा तस्करों के विरुद्ध चलाया जाए व्यापक अभियान

कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार का रवैया बेहद लापरवाह और अस्थायी उपायों तक सीमित दिखाई देता है। अपराध की घटना होने के बाद किसी व्यक्ति को पुलिस सुरक्षा दे देना स्थायी समाधान नहीं है। गैंगस्टर नेटवर्क, फिरौती मांगने वालों, अवैध हथियारों और नशा तस्करों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाकर उनकी आर्थिक तथा आपराधिक जड़ों पर प्रहार करना होगा। पुलिस थानों को पर्याप्त कर्मचारी, आधुनिक संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाना भी आवश्यक है।

प्रदेश की जनता ने सरकार को सौंपी है हरियाणा की जिम्मेदारी, पंजाब की नहीं

कुमारी सैलजा ने कहा कि मुख्यमंत्री को पंजाब की राजनीति में सक्रियता दिखाने के बजाय हरियाणा की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, नशे और जनसमस्याओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए। प्रदेश की जनता ने सरकार को हरियाणा की जिम्मेदारी सौंपी है। इसलिए मुख्यमंत्री को सभी जिलों की कानून-व्यवस्था की नियमित समीक्षा करनी चाहिए और रिक्त पुलिस पदों को भरने की स्पष्ट समयसीमा घोषित करनी चाहिए।

नागरिकों की सुरक्षा सरकार का पहला संवैधानिक दायित्व

कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस अपराध और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर विषय पर राजनीति नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहती है। नागरिकों की सुरक्षा सरकार का पहला संवैधानिक दायित्व है। सरकार को विपक्ष की चेतावनियों को आलोचना मानकर टालने के बजाय जिम्मेदारी के साथ स्वीकार करते हुए प्रदेश में भयमुक्त वातावरण स्थापित करना चाहिए।

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Author: Bharat Sarathi

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