कहा—बसों की कमी के कारण रक्षाबंधन पर महिलाओं को नहीं मिल पाता योजना का पूरा लाभ
निजी बस संचालकों द्वारा अधिक किराया वसूलने पर भी कार्रवाई की मांग
रेवाडी, 27 अगस्त। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि हरियाणा सरकार रक्षाबंधन पर महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का श्रेय लेने के बजाय पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध कराए, ताकि महिलाएं वास्तव में इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
विद्रोही ने कहा कि प्रदेश में पिछले 35-40 वर्षों से विभिन्न सरकारें रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को हरियाणा रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देती आ रही हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस और लोकदल सरकारों के समय भी यह व्यवस्था लागू रही है। ऐसे में वर्षों पुरानी परंपरा को भाजपा सरकार द्वारा अपना विशेष उपहार बताकर प्रचारित करना उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोगों को राहत देने से अधिक उसका प्रचार करती है। वर्षों से जारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और सुविधाओं को भी मीडिया में इस प्रकार प्रस्तुत किया जाता है, मानो उन्हें पहली बार लागू किया गया हो।
बसों की कमी से यात्रियों को परेशानी
विद्रोही ने कहा कि वास्तविक समस्या मुफ्त यात्रा की घोषणा नहीं, बल्कि पर्याप्त बसों की अनुपलब्धता है। रक्षाबंधन के दिन महिलाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद अतिरिक्त बसों की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बस अड्डों पर भारी भीड़ रहती है। इससे महिलाओं के साथ सामान्य यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासन में हरियाणा रोडवेज की सरकारी बसों की संख्या कम हुई है, जबकि किलोमीटर स्कीम के अंतर्गत निजी बसों की भागीदारी बढ़ाई गई है। सीमित बसों के कारण महिलाओं को घोषित मुफ्त यात्रा सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
निजी बसों की मनमानी पर लगे रोक
विद्रोही ने आरोप लगाया कि सरकारी परिवहन व्यवस्था से जुड़े कुछ निजी बस संचालक रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के बजाय भीड़ का फायदा उठाकर अधिक किराया वसूलते हैं। सरकार को ऐसे संचालकों की निगरानी कर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार सभी प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त रोडवेज बसें चलाए, बस अड्डों पर व्यवस्था मजबूत करे तथा महिलाओं को बिना किसी परेशानी के मुफ्त यात्रा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे।







