नवनिर्वाचित छात्र परिषद ने ली अनुशासन, सेवा और विद्यालय की प्रतिष्ठा बनाए रखने की शपथ

गुरुग्राम, 14 अगस्त। सलवान पब्लिक स्कूल गुरुग्राम में शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस एवं शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थी परिषद का अलंकरण समारोह उत्साह, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को पद एवं उत्तरदायित्व सौंपे गए।
कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक मेजर जनरल सुरिंदर सिंह (सेवानिवृत्त), कार्यवाहक प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता जाखड़, हेडमिस्ट्रेस, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। विद्यार्थियों ने शास्त्रीय नृत्य, लोकनृत्य और देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विद्यालय के बैंड और एनसीसी कैडेट्स की अनुशासित मार्च पास्ट ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
विविधता में एकता का संदेश
‘हमारी संस्कृति : विविधता का इंद्रधनुष’ विषय पर आयोजित रैंप वॉक में विद्यार्थियों ने विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा प्रदर्शित करते हुए ‘अनेकता में एकता’ का संदेश दिया। प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता को भी रेखांकित किया गया।
कार्यवाहक प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता जाखड़ ने बताया कि छात्र परिषद के गठन के लिए कक्षा चार से 11 तक के विद्यार्थियों से नामांकन मांगे गए थे। वरिष्ठ शैक्षणिक टीम की स्क्रीनिंग के बाद 31 विद्यार्थियों को अंतिम साक्षात्कार के लिए चुना गया। इसमें उनकी नेतृत्व क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की योग्यता और सेवा भावना का मूल्यांकन किया गया।
काव्या और आदृति को मिली जिम्मेदारी
सीनियर विंग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी काव्या सिंगला और जूनियर विंग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी आदृति भट्टाचार्य को सौंपी गई। इनके साथ उपाध्यक्षों, खेल एवं सांस्कृतिक कप्तानों और विभिन्न विभागों के सचिवों, सह-सचिवों तथा प्रेफेक्ट्स को भी बैज प्रदान किए गए।
सागर, पृथ्वी, सृष्टि और आकाश हाउस के कप्तानों, उपकप्तानों, कक्षा प्रतिनिधियों एवं सहायक प्रेफेक्ट्स को भी अलंकृत किया गया। निवर्तमान अध्यक्ष एकाग्र अग्रवाल और उनकी टीम ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को विद्यालय एवं हाउस के ध्वज सौंपे। इसके बाद छात्र परिषद ने विद्यालय की मर्यादा, अनुशासन और गौरव को सर्वोपरि रखने की शपथ ली।
सीनियर अध्यक्ष काव्या सिंगला ने कहा कि नेतृत्व केवल सम्मान नहीं, बल्कि संस्था द्वारा जताया गया विश्वास और बड़ी जिम्मेदारी है। जूनियर अध्यक्ष आदृति भट्टाचार्य ने कहा कि नेतृत्व का अर्थ अधिकार जताना नहीं, बल्कि दूसरों के साथ खड़े होकर उन्हें प्रेरित करना है।
छात्राओं की 90 प्रतिशत भागीदारी उल्लेखनीय
विद्यालय के निदेशक मेजर जनरल सुरिंदर सिंह ने कहा कि छात्र परिषद में पद प्राप्त करना विशेषाधिकार नहीं, बल्कि अतिरिक्त जिम्मेदारी और सीखने का अवसर है। परिषद में चयन न होना किसी विद्यार्थी की क्षमता की कमी का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
उन्होंने प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन की शुरुआती चुनौतियां सफलता की अंतिम सीमा तय नहीं करतीं। निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
उन्होंने छात्र परिषद में छात्राओं की लगभग 90 प्रतिशत भागीदारी को ऐतिहासिक एवं उल्लेखनीय उपलब्धि बताते हुए इसे युवा महिलाओं के सशक्त नेतृत्व, पारिवारिक संस्कारों और विद्यालय के प्रयासों का परिणाम बताया।
समारोह में देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, राष्ट्रगान और ‘जय हिंद’ के सामूहिक उद्घोष के साथ हुआ।








