· 19 दिन के मानसून सत्र में बीजेपी ने 12 बिल पास किये लेकिन जनता व विपक्ष के किसी भी सवाल का जवाब देने से भागती रही
· कांग्रेस सांसदों ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड्गे की जनसभा वाले स्टेज का बीजेपी द्वारा शुद्धिकरण करने की कड़ी निंदा की
· भाजपा ने देश की अनुसूचित जाति का अपमान किया, जब तक बीजेपी माफी नहीं मांगेगी हम सड़क से लेकर और सदन तक इस मुद्दे पर लड़ाई लड़ेंगे
· नीट पेपर लीक, चंदा चोरी, छात्रों पर पैलेटगन, E20 पेट्रोल, रिकार्डतोड़ बेरोजगारी, महंगाई, हरियाणा में कॉमनवेल्थ गेम्स 2030, किसानों के खिलाफ भारत-अमेरिका ट्रेड डील समेत किसी भी मुद्दे का जवाब नहीं दिया
चंडीगढ़, 13 अगस्त। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा, सांसद जयप्रकाश, सांसद वरुण चौधरी और सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने आज संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए बीजेपी सरकार की जवाबदेही और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के नारे लगाए। कांग्रेस सांसदों ने कहा कि संसद का मानसून सत्र 19 दिन चला। जिसमें भाजपा सरकार ने बिना किसी चर्चा के ही करीब 12 बिल पास कर लिए और जनता व विपक्ष के किसी भी सवाल का जवाब देने से भागती रही। उन्होंने कहा कि आज देश की जनता के सामने कई सारी कठिनाइयां, मुश्किलें और ज्वलंत मुद्दे हैं, उन मुद्दों पर ना तो सरकार ने अपनी कोई जवाबदेही ली, न जिम्मेदारी ली। नीट पेपर लीक से लेकर अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी, छात्रों पर पैलेट गन चलाने, शिक्षा परीक्षा व्यवस्था चौपट होने की बात हो, E20 समेत रिकॉर्डतोड़ बेरोजगारी आसमान छूती महंगाई का मुद्दा हो, किसानों के खिलाफ भारत-अमेरिका ट्रेड डील या हरियाणा में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स कराने की हमारी मांग हो किसी भी विषय पर सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। प्रधान मंत्री और गृह मंत्री इस पूरे सत्र से नदारद रहे और आज जब सत्र के अंतिम दिन आए भी तो वंदेमातरम् के बाद लोकसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे स्पष्ट है कि बीजेपी संसद को चलाना ही नहीं चाहती थी।
कांग्रेस सांसदों ने भाजपा द्वारा उत्तराखंड में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड्गे द्वारा की गई एक जनसभा के बाद स्टेज का शुद्धिकरण करने के कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अनुसूचित जाति का अपमान किया है। बीजेपी ने अपनी इस मानसिकता का परिचय कोई पहली बार नहीं दिया है। ऐसा उसने बार बार किया है। उत्तराखंड को देवभूमि माना जाता है, भारतीय जनता पार्टी वहां पर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संकुचित और असंवैधानिक सोच का परिचय देने का कार्य किया है। पूरी भारतीय जनता पार्टी को माफी मांगनी होगी। देशवासियों में बीजेपी की इस हरकत को लेकर व्यापक रोष है। जब तक बीजेपी माफी नहीं मांगेगी हम सड़क से लेकर और सदन तक इस मुद्दे पर लड़ाई लड़ेंगे।








