गुरुग्राम में अतिक्रमण पर जीएमडीए का बड़ा एक्शन: पहले दिन 8 किमी सड़क से कब्जे हटाए, अवैध रैंप तोड़े और रेहड़ी-खोखे हटाए

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ओल्ड रेलवे रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर चला अभियान, 12 टीमें मैदान में; अब सेक्टर डिवाइडिंग रोड और सर्विस रोड पर भी होगी कार्रवाई

गुरुग्राम, 10 अगस्त। शहर की सड़कों और फुटपाथ पर अवैध रूप से कब्जा कर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जीएमडीए ने सोमवार को बड़ा अभियान शुरू कर दिया। पहले ही दिन एनफोर्समेंट टीमों ने करीब 8 किलोमीटर सड़क क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान फुटपाथ और सड़क किनारे बनाए गए अवैध रैंप तोड़े गए, वहीं रेहड़ी-ठेले, खोखे, कियोस्क और अन्य अस्थायी ढांचे हटाए गए। ग्रीन बेल्ट और सड़क की जमीन पर किए गए कब्जे भी हटाए गए।

जीएमडीए की यह कार्रवाई ओल्ड रेलवे रोड, सेक्टर-3ए/4 डिवाइडिंग रोड, सेक्टर-4/7 और सेक्टर-4/9 डिवाइडिंग रोड समेत कई प्रमुख स्थानों पर हुई। कार्रवाई का सीधा असर सड़क और फुटपाथ की उपलब्ध जगह पर दिखाई दिया। जिन स्थानों पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरना पड़ता था या सड़क की चौड़ाई कम हो रही थी, वहां सार्वजनिक उपयोग के लिए जगह खाली कराई गई।

फुटपाथ पर बने रैंप भी निशाने पर

अभियान के दौरान जीएमडीए की टीमों ने केवल रेहड़ी-ठेले और अस्थायी कब्जे ही नहीं हटाए, बल्कि फुटपाथ और सड़क की जमीन पर बनाए गए अवैध रैंप को भी तोड़ दिया। अधिकारियों के मुताबिक ऐसे रैंप के कारण फुटपाथ का इस्तेमाल पैदल यात्रियों के लिए मुश्किल हो जाता है और कई जगह सड़क की प्रभावी चौड़ाई भी कम हो जाती है।

जीएमडीए के सीईओ पी.सी. मीणा के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य सड़कों के राइट ऑफ वे को खाली कराना है। जीएमडीए के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़क, फुटपाथ, ग्रीन बेल्ट और सर्विस रोड की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त रखने पर अब विशेष जोर दिया जाएगा।

सीईओ बोले- सार्वजनिक जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं

जीएमडीए के सीईओ श्री पी.सी. मीणा ने कहा कि शहर में सड़क और सार्वजनिक सुविधाएं लोगों के इस्तेमाल के लिए हैं। इनके हिस्से पर किसी तरह का अवैध कब्जा या निर्माण नहीं होने दिया जा सकता।

उन्होंने कहा कि अभियान का मकसद केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि सड़क की उपलब्ध आर ओ डब्ल्यू को उसके निर्धारित उपयोग के लिए बहाल करना है। खासकर ऐसे कब्जों पर सख्ती होगी, जिनसे पैदल यात्रियों की आवाजाही, सड़क सुरक्षा या यातायात प्रभावित होता है।

12 टीमें, 36 अधिकारी-कर्मचारी लगातार मैदान में

अभियान को बड़े स्तर पर चलाने के लिए जीएमडीए ने 12 एनफोर्समेंट टीमें गठित की हैं। इन टीमों में कुल 36 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य हैं। इनमें जीएमडीए के प्रवर्तन, इंफ्रा-1 और इंफ्रा-2 डिवीजन के जूनियर इंजीनियरों के साथ मानेसर नगर निगम (एमसीएम) के जूनियर इंजीनियर भी शामिल हैं।

अभियान का नेतृत्व डीटीपी एनफोर्समेंट, जीएमडीए आर.एस. बाठ कर रहे हैं। वहीं, असिस्टेंट टाउन प्लानर (एटीपी) की टीमें मौके पर चल रही कार्रवाई की निगरानी कर रही हैं।

अब सेक्टर डिवाइडिंग रोड पर फोकस

जीएमडीए अधिकारियों के अनुसार, अभियान एक-दो दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में अलग-अलग सेक्टरों में डिवाइडिंग रोड, मुख्य सड़क, सर्विस रोड, फुटपाथ और ग्रीन बेल्ट का निरीक्षण किया जाएगा। जहां भी सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर कब्जा मिलेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दायरे में अस्थायी के साथ-साथ स्थायी अतिक्रमण भी आएंगे। यानी केवल रेहड़ी-ठेले या खोखे हटाने तक अभियान सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सार्वजनिक जमीन पर बने पक्के निर्माण भी जांच के दायरे में होंगे।

हटाने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इस पर भी नजर

जीएमडीए का अगला फोकस उन स्थानों पर निगरानी रखने का है, जहां से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई के बाद यदि दोबारा कब्जा किया जाता है तो ऐसे मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अभियान से शहर में पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ उपलब्ध होने, सड़क की प्रभावी चौड़ाई बढ़ने और यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक जमीन का इस्तेमाल भी निर्धारित उद्देश्य के लिए किया जा सकेगा।

जीएमडीए ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा। फील्ड टीमें नियमित निरीक्षण करेंगी और जहां भी सड़क या सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण मिला, वहां कार्रवाई की जाएगी।

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Author: Bharat Sarathi

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