गुरुग्राम में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी, ड्रेनेज के बाद तुरंत बनेंगे फुटपाथ; मलबा हटाकर ग्रीन स्पेस तैयार होंगे

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जीएमडीए सीईओ ने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की, इफ़को चौक-एसपीआर कॉरिडोर और वजीराबाद ग्रेड सेपरेशन के काम में तेजी के निर्देश

गुरुग्राम, 9 अगस्त। गुरुग्राम शहर में सड़क और ड्रेनेज जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के साथ अब फुटपाथ, ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक स्थानों पर भी फोकस बढ़ाया जाएगा। ड्रेनेज निर्माण के दौरान टूटने वाले फुटपाथों को काम पूरा होने के तुरंत बाद बहाल किया जाएगा। फुटपाथों पर खुले मैनहोल भी सुरक्षित तरीके से ढके जाएंगे। वहीं, ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक जमीन से कंस्ट्रक्शन एवं डिमोलिशन(सी एंड डी ) वेस्ट हटाने के बाद वहां दोबारा मलबा न डाला जा सके, इसके लिए फेंसिंग कर इन स्थानों को ग्रीन स्पेस के रूप में विकसित किया जाएगा।

गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के सीईओ पी.सी. मीणा ने इंजीनियरिंग और हॉर्टिकल्चर विंग के अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बरसाती पानी की निकासी, सड़क परियोजनाओं, पौधरोपण, ग्रीन बेल्ट और सी एंड डी वेस्ट की समस्या पर विस्तार से चर्चा हुई। सीईओ ने अधिकारियों को परियोजनाओं की गति बढ़ाने के साथ गुणवत्ता और लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

ड्रेनेज का काम पूरा होते ही फुटपाथ भी बहाल करना होगा

शहर में बरसाती पानी की निकासी के लिए चल रहे ड्रेनेज कार्यों के कारण कई जगह फुटपाथ प्रभावित होते हैं। बैठक में सीईओ ने स्पष्ट किया कि ड्रेनेज का काम पूरा होने के बाद फुटपाथों को लंबे समय तक खुला या क्षतिग्रस्त नहीं छोड़ा जाए। कार्य पूरा होते ही फुटपाथ को पहले की तरह चालू किया जाए।

उन्होंने फुटपाथों पर मौजूद मैनहोल की स्थिति की भी जांच करने और उन्हें सुरक्षित ढंग से कवर करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि विकास कार्यों के दौरान पैदल चलने वालों को अनावश्यक परेशानी न हो और उनके लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध रहे।

इफ़को चौक से एसपीआर तक सिग्नल-फ्री कॉरिडोर पर काम तेज होगा

प्रमुख सड़क परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान इफ़को चौक से एसपीआर की ओर प्रस्तावित सिग्नल-फ्री कॉरिडोर की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि आर्डी सिटी चौक पर प्रस्तावित सिग्नल-फ्री कॉरिडोर की डीपीआर तैयार हो चुकी है और जरूरी सर्वे भी पूरा किया जा चुका है।

बैठक में बताया गया कि वजीराबाद जंक्शन पर प्रस्तावित ग्रेड सेपरेशन के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है और सर्वे का काम जारी है। सीईओ ने दोनों परियोजनाओं से जुड़े बाकी तकनीकी और प्रक्रियात्मक काम जल्द पूरा करने को कहा, ताकि इन्हें तय समयसीमा में आगे बढ़ाया जा सके।

व्यापार केंद्र रोड़ तैयार, गैलेरिया रोड का काम 20 दिन में

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि व्यापार केंद्र रोड़ का पुनर्विकास कार्य पूरा हो चुका है। गैलेरिया मार्केट रोड़ के पुनर्विकास का काम भी अंतिम चरण में है और इसे अगले करीब 20 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है।

सीईओ ने अधिकारियों को सड़क परियोजनाओं की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी जरूरी है, लेकिन इसकी कीमत गुणवत्ता से समझौता करके नहीं चुकाई जानी चाहिए।

53 हजार पौधे, 3 लाख से ज्यादा झाड़ीनुमा पौधे लगाए गए

गुरुग्राम में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए चल रहे पौधरोपण कार्यों की भी समीक्षा की गई। जीएमडीए अधिकारियों के अनुसार शहर में अब तक करीब 53 हजार पौधे और 3 लाख से अधिक झाड़ीनुमा पौधे लगाए जा चुके हैं। ग्रीन बेल्ट समेत अन्य चिन्हित स्थानों पर पौधरोपण का काम अभी जारी है।

सीईओ ने हॉर्टिकल्चर विंग को पौधरोपण की गति बढ़ाने के साथ लगाए गए पौधों के रखरखाव पर भी ध्यान देने को कहा, ताकि शहर के हरित क्षेत्र को लगातार बढ़ाया जा सके।

मलबा हटाने के बाद खाली जगह नहीं छोड़ी जाएगी

ग्रीन बेल्ट में सी एंड डी वेस्ट की दोबारा डंपिंग को रोकने के लिए भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। जिन स्थानों से निर्माण मलबा हटाया गया है, वहां फेंसिंग कर दोबारा डंपिंग पर रोक लगाई जाएगी। इसके बाद इन जगहों को ग्रीन स्पेस के रूप में विकसित किया जाएगा।

सीईओ ने कहा कि केवल मलबा हटाने से समस्या खत्म नहीं होगी। सार्वजनिक जमीन को सुरक्षित करना और उसका बेहतर इस्तेमाल भी जरूरी है। खाली जगहों को ग्रीन स्पेस में बदलने से दोबारा कचरा डाले जाने की संभावना कम होगी और शहर की हरियाली भी बढ़ेगी।

ग्राउण्ड पर निगरानी पर जोर

सीईओ ने सभी संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग और विभिन्न विंग के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि गुरुग्राम में विकास का मतलब सिर्फ नई सड़कें और ड्रेनेज बनाना नहीं, बल्कि लोगों के लिए सुरक्षित फुटपाथ, बेहतर सार्वजनिक स्थान, स्वच्छ वातावरण और विकसित ग्रीन बेल्ट उपलब्ध कराना भी है।

उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के साथ यह सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण के बाद नागरिकों को बेहतर और टिकाऊ सुविधाएं मिलें।

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Author: Bharat Sarathi

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