एचपीएससी की भर्तियों पर सरकार जारी करे श्वेत पत्र : विद्रोही

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

2014 से अब तक एससी-ओबीसी के लिए आरक्षित पदों, हुई नियुक्तियों और खाली छोड़े गए पदों का भर्तीवार ब्योरा देने की मांग

रेवाडी, 8 अगस्त। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मांग की है कि अक्टूबर 2014 से अब तक हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के माध्यम से हुई प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी की भर्तियों पर सरकार विस्तृत श्वेत पत्र जारी करे। इसमें प्रत्येक भर्ती में अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित पदों, उन पर हुई नियुक्तियों तथा योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने के आधार पर खाली छोड़े गए पदों का भर्तीवार विवरण दिया जाए।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन के दौरान प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में एससी और ओबीसी वर्ग के आरक्षण के अधिकार को कमजोर किया गया है। उनका दावा है कि पिछले लगभग 11-12 वर्षों में एचपीएससी की विभिन्न भर्तियों में आरक्षित वर्ग के अनेक पदों को योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने का आधार बताकर खाली छोड़ दिया गया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि इस अवधि में विभिन्न विभागों की प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी की नौकरियों के लिए कितने पद विज्ञापित किए गए, इनमें एससी और ओबीसी वर्ग के लिए कितने पद आरक्षित थे तथा वास्तव में कितने उम्मीदवारों की नियुक्ति हुई।

खाली पदों का भी दिया जाए पूरा हिसाब

विद्रोही ने मांग की कि सरकार यह भी स्पष्ट करे कि एससी-ओबीसी के लिए आरक्षित कितने पदों को उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने अथवा योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने के आधार पर रिक्त रखा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आरक्षित पदों को लंबे समय तक खाली रखने की स्थिति में उन्हें भरने के लिए सरकार और आयोग ने क्या कदम उठाए।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि आरक्षित वर्ग के पदों को खाली रखना व्यवहार में आरक्षण के अधिकार को कमजोर करने जैसा है। उन्होंने इसे दलित और पिछड़े वर्गों के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से भर्तीवार आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।

‘आंकड़े सामने आएंगे तो वास्तविक स्थिति होगी स्पष्ट

ग्रामीण भारत के अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार अक्टूबर 2014 से 2026 तक एचपीएससी की प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी की सभी भर्तियों का विस्तृत श्वेत पत्र जारी करती है तो आरक्षित पदों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ जाएगी। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि एससी और ओबीसी वर्ग को निर्धारित आरक्षण के अनुरूप नौकरियां मिलीं या बड़ी संख्या में आरक्षित पद खाली रह गए।

उन्होंने मुख्यमंत्री से इस संबंध में तत्काल पहल करते हुए भर्तीवार विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!