सीएम से शहर में रहकर हालात देखने की अपील, जलभराव पर अफसरों की जवाबदेही और हाई लेवल जांच की मांग
गुरुग्राम, 7 अगस्त। शहर में हुई भारी बारिश के बाद जलभराव और यातायात व्यवस्था चरमराने को लेकर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि “ट्रिपल इंजन की सरकार” गुरुग्राम को जलभराव से बचाने में पूरी तरह विफल रही है और हर वर्ष किए जाने वाले दावे मानसून की पहली तेज बारिश में ही धराशायी हो जाते हैं।
डावर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे गुरुग्राम में रहकर स्वयं जलभराव की स्थिति का निरीक्षण करें और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता से घरों में रहने की अपील करना समाधान नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि लोग बिना किसी परेशानी के अपने दैनिक कार्य कर सकें।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम हरियाणा का सबसे अधिक टैक्स देने वाला शहर है, लेकिन हर मानसून में राष्ट्रीय राजमार्ग, सरकारी अस्पताल, कॉलोनियां और प्रमुख सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
बजट खर्च का हिसाब मांगा
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि ड्रेनेज सिस्टम, पंपिंग स्टेशन और नालों की सफाई के नाम पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये का हिसाब कौन देगा। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स का पैसा विकास पर खर्च हो रहा है या विनाश पर, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
डावर ने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी, हाईटेक गुरुग्राम और विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचे के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। थोड़ी सी बारिश में ही शहर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव हो जाता है, जिससे उद्योगों का उत्पादन प्रभावित होता है और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
जवाबदेही तय करने की मांग
उन्होंने मांग की कि जलभराव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए। उनकी कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
डावर ने कहा कि पिछले दस वर्षों में जलनिकासी व्यवस्था और सड़कों पर हुए खर्च की हाई लेवल जांच कराई जाए। यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सरकारी धन की वसूली की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि मानसून से पहले ड्रेनेज की सफाई, पंपों की मरम्मत और आपातकालीन जलनिकासी योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।









