घरों-बेसमेंट में घुसा पानी, ड्रेन सफाई और करोड़ों के विकास दावों पर उठे सवाल

गुरुग्राम, 6 अगस्त। गुरुग्राम में हुई बारिश ने सेक्टर-3, 5 और 6 की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। सड़कों पर जलभराव, घरों और बेसमेंट में घुसे बरसाती पानी तथा वाहनों को हुए नुकसान से स्थानीय लोगों में प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ भारी नाराजगी है। रेजिडेंट्स का कहना है कि यह स्थिति केवल भारी बारिश का परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक लापरवाही और समय पर ड्रेन सफाई नहीं होने का नतीजा है।
सेक्टर-3, 5 और 6 आरडब्ल्यूए के पूर्व अध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ ने बताया कि शीतला माता मंदिर रोड हर वर्ष सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बन जाता है। उन्होंने कहा कि कागजों और सोशल मीडिया पर ड्रेन सफाई के फोटो और वीडियो जरूर दिखाई देते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। बारिश का पानी नहर की ओर निकलने के बजाय सेक्टरों में भर जाता है, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है।
उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण लोगों को अपने ही घरों में कैद होना पड़ता है। कई घरों के बेसमेंट में पानी भर गया, जबकि महंगी गाड़ियों में पानी घुसने से हजारों-लाखों रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने शीतला माता मंदिर रोड पर बड़ी क्षमता की स्थायी ड्रेन बनाने की मांग उठाई, ताकि हर वर्ष होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
मानसून आ गया, लेकिन ड्रेन सफाई शुरू तक नहीं
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस वर्ष सेक्टरों की बरसाती ड्रेनों की सफाई अब तक शुरू ही नहीं हो सकी। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि ड्रेन सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया अभी जारी है। इस पर रेजिडेंट्स सवाल उठा रहे हैं कि जब मानसून हर वर्ष तय समय पर आता है, तो सफाई कार्य पहले से क्यों नहीं कराया गया।
पिछले साल के ₹14 लाख के टेंडर पर भी सवाल
रेजिडेंट्स ने बताया कि पिछले वर्ष सेक्टर-3, 5 और 6 की बरसाती ड्रेन सफाई के लिए 14 लाख रुपये से अधिक का टेंडर जारी किया गया था। उनका आरोप है कि उस समय विकास कार्यों का व्यापक प्रचार तो किया गया, लेकिन ड्रेनों की प्रभावी सफाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि कार्य गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शिता से हुआ होता, तो सामान्य बारिश में ही पूरा क्षेत्र जलमग्न नहीं होता।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि विभागीय कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और वर्तमान स्थिति पिछले वर्ष किए गए कार्यों की गुणवत्ता तथा सार्वजनिक धन के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
जांच और जवाबदेही की मांग
रेजिडेंट्स ने प्रशासन से मांग की है कि पिछले वर्षों में ड्रेन सफाई पर हुए खर्च और कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सार्वजनिक धन के उपयोग का पूरा ब्यौरा जारी किया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही सेक्टर-3, 5 और 6 की जल निकासी व्यवस्था को युद्धस्तर पर दुरुस्त कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो हर मानसून में हजारों परिवारों को जलभराव, आर्थिक नुकसान और भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।








