कांग्रेस सांसद ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों, रंगदारी और गैंगस्टर गतिविधियों पर सरकार को घेरा, गृह मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग
चंडीगढ़, 6 अगस्त। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है तथा आम नागरिक और व्यापारी भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उनका आरोप है कि दिनदहाड़े फायरिंग, हत्या और रंगदारी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जबकि सरकार हालात पर नियंत्रण पाने में विफल रही है।
हालिया घटनाओं का किया उल्लेख
सुरजेवाला ने अपने बयान में प्रदेश की हाल की कई आपराधिक घटनाओं का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि चरखी दादरी में सिटी थाने के सामने हुई फायरिंग, हिसार में कांवड़ियों पर गोलीबारी, करनाल में युवक की हत्या तथा यमुनानगर में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या जैसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
रंगदारी के मामलों पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि प्रदेश में व्यापारियों से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने यमुनानगर, सिरसा, हिसार और जींद के सफीदों में कथित रंगदारी के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापारी समुदाय असुरक्षा महसूस कर रहा है और अपराधियों में कानून का भय समाप्त हो चुका है।
सरकार से कीं ये प्रमुख मांगें
सुरजेवाला ने प्रदेश सरकार के समक्ष कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गृह मंत्री के पद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
- रंगदारी और संगठित अपराध के मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT/STF) का गठन किया जाए।
- गैंगस्टरों और अवैध हथियारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
- व्यापारियों, दुकानदारों और उद्योगपतियों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
- कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
मुख्यमंत्री से पूछे तीन सवाल
सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से तीन सवाल भी पूछे—
- यदि प्रदेश की कानून-व्यवस्था बिगड़ी हुई है तो गृह मंत्री के रूप में जिम्मेदारी कौन लेगा?
- महिलाओं, बच्चों और कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
- “सुरक्षित हरियाणा” के सरकारी दावे और जमीनी हालात में अंतर क्यों है?








