भाजपा नेताओं से पूछा—10 साल से अधूरी पड़ी परियोजनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा?
रेवाड़ी, 6 अगस्त। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने रेवाड़ी जिले के तीन रेलवे फाटकों पर प्रस्तावित एकीकृत रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण को लेकर श्रेय लेने की होड़ पर भाजपा नेताओं को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में हायतौबा मचाकर राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश की जा रही है, जबकि पिछले दस वर्षों से स्वीकृत कई विकास परियोजनाएं आज भी अधूरी पड़ी हैं या शुरू तक नहीं हो सकी हैं।
विद्रोही ने कहा कि वर्षों पुरानी परियोजनाओं के क्रियान्वयन का श्रेय लेने के लिए भाजपा के जनप्रतिनिधि सक्रिय हो जाते हैं, लेकिन जब अधूरी या लंबित परियोजनाओं की जवाबदेही की बात आती है तो कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं होता।
उन्होंने दावा किया कि रेवाड़ी के तीन रेलवे फाटकों पर एकीकृत रेलवे ओवरब्रिज बनाने का प्रयास कांग्रेस शासनकाल से लगातार चलता आ रहा है। इस दौरान कई बार ड्राइंग तैयार हुई, संशोधित हुई और निरस्त भी हुई। लगभग 15 वर्षों की प्रक्रिया के बाद अब जाकर इस परियोजना को केवल प्रशासनिक स्वीकृति मिली है।
विद्रोही ने कहा कि सिर्फ स्वीकृति मिलने से ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं हो जाएगा। इसके लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में इस परियोजना के लिए एक रुपये का भी प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे स्पष्ट है कि चालू वित्त वर्ष में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना नहीं है।
उन्होंने कहा कि अब निगाहें वित्त वर्ष 2027-28 के केंद्रीय बजट पर रहेंगी। यदि उस बजट में परियोजना के लिए धनराशि स्वीकृत होती है, तभी निर्माण कार्य शुरू होने और उसके पूरा होने की समय-सीमा स्पष्ट होगी। ऐसे में अभी से श्रेय लेने की राजनीति करना जनता को गुमराह करने जैसा है।
विद्रोही ने भाजपा नेताओं से मांग की कि वे केवल घोषणाओं और स्वीकृतियों का श्रेय लेने के बजाय रेवाड़ी की वर्षों से लंबित विकास परियोजनाओं की देरी और अधूरेपन की जिम्मेदारी भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार करें।









