स्वास्थ्य विभाग में मुख्यालय से लेकर उप-स्वास्थ्य केंद्र तक डिजिटलाइजेशन किया जाए: मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन 2047 के तहत की स्वास्थ्य विभाग की अगले 5 वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा की

चंडीगढ़, 30 जुलाई-हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, तीव्र और प्रभावशाली तरीके से आमजन तक पहुंचाने के लिए मुख्यालय से लेकर उप-स्वास्थ्य केंद्र तक का डिजिटलाइजेशन किया जाए। आमजन की सुविधा तथा समय की बचत के लिए टेली-मेडिसिन, टेली-कंसल्टेशन, ई-उपचार ओपीडी, टेली-ईसीजी तथा हैल्थ ट्रैकिंग के माध्यम से लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश बृहस्पतिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन 2047 के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के अगले 5 वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए दिए। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं तथा बजट घोषणाओं की प्रगति की भी जानकारी ली और इन्हें निर्धारित समय अवधि में पूरा करने के लिए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजन-2047 के अंतर्गत विकसित देशों की तर्ज पर हरियाणा में भी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से आमजन को त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में सरकार ने नई पहलें शुरू की हैं। इन्हें जमीनी स्तर तक लेकर जाना है ताकि जिला स्तर, उपमंडल स्तर, सीएचसी तथा पीएचसी के साथ-साथ उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक पर समान रूप से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें जिससे लोगों के समय की बचत हो और उन्हें इलाज के लिए कहीं दूर न जाना पड़े।

टेली-कंसल्टेशन सुविधा रही है कारगर:

मुख्यमंत्री द्वारा टेली-कंसल्टेशन सुविधा की जानकारी मांगने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस सुविधा के माध्यम से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत कम्युनिटी हैल्थ ऑफिसर मरीजों की जांच रिपोर्ट विशेषज्ञ चिकित्सकों को उपलब्ध करवाकर उनसे परामर्श व उपचार संबंधी सलाह लेते हैं। इस समय हरियाणा में 22 जिला अस्पतालों तथा 2 सुपर स्पेशियलिटी हब (पीजीआई रोहतक व चंडीगढ़) में 24 कंसल्टेशन हब संचालित किए जा रहे हैं। ये हब राज्य के 2733 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को कंसल्टेंशन सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। हरियाणा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने पीजीआई चंडीगढ़ के साथ समझौता किया है और वहां के 10 विशेषज्ञ चिकित्सक सप्ताह में 6 दिन प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक चिकित्सा परामर्श उपलब्ध करवाते हैं। 2021 से शुरू होने के बाद इस सेवा के माध्यम से अब तक 12 लाख टेली-कंसल्टेशन किए जा चुके हैं। बीते वित्त वर्ष (2025-26) में 4 लाख टेली-कंसल्टेशन प्रदान किए गए हैं। इसके तहत समय पर विशेषज्ञ परामर्श मिलने के चलते 20 गर्भवती महिलाओं की जान बचाई जा सकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा जिस पर लगभग 177 करोड़ रुपये का खर्च आएगा ताकि नई तकनीक के माध्यम से मरीजों को आधुनिक उपचार मिल सके।

18 नए स्थानों पर डायलिसिस सुविधा शुरू होंगी:

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किडनी रोगियों को राहत दिलाने के लिए दी जा रही निःशुल्क डायलिसिस सुविधा का दायरा बढ़ाया जाएगा। इस सुविधा का अब तक 2.50 लाख से अधिक मरीजों ने लाभ उठाया है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा को जिला अस्पतालों व पीजीआई रोहतक से आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष 16 उपमंडलों तथा 2 अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी शुरू करवाया जाए।

महिलाओं में कैंसर जांच के लिए कैंप लगाए जाएं:

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं में होने वाले कैंसर के मामलों पर रोक लगाने के लिए इनकी शुरुआती चरण में ही पहचान करना आवश्यक है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग स्पेशल कैंप लगाकर महिलाओं की जांच करे। इसके साथ ही बेटियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर सहित एचपीवी संक्रमण से होने वाली अन्य बीमारियों से बचाव के लिए 9 से 14 वर्ष तक की आयु में एचपीवी वैक्सीन लगाने का लक्ष्य भी जल्द पूरा किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रथम चरण में केंद्र सरकार से प्राप्त हुई 75 हजार में से 50 हजार वैक्सीन लगाई जा चुकी है, बचे हुए लक्ष्य को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए चलाएं अभियान:

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर, स्ट्रोक जैसे गैर-संचार रोगों से सबसे अधिक लोगों की मृत्यु होती है। यदि हम लोगों को जागरूक करके उन्हें स्वस्थ खानपान व जीवनचर्या में बदलाव के लिए प्रेरित कर सकें तो उन्हें इन बीमारियों से बचा सकते हैं। उन्होंने इस संबंध में आमजन को जागरूक करने के लिए आयुष विभाग को नोडल विभाग बनाते हुए स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर इस संबंध में व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर गांव में योग सहायकों तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को लक्ष्य दिए जाएं कि वे लोगों को वजन कम करने, उन्हें अधिक से अधिक पैदल चलने, तली हुई वस्तुएं न खाने, पूरी नींद लेने, धूम्रपान व शराब का सेवन न करने तथा व्यायाम व योग आदि करने के संबंध में जागरूक करें। ऐसा होने पर न केवल लोगों का अस्पतालों के चक्कर लगाने से पीछा छूटेगा बल्कि स्वास्थ्य विभाग का बोझ भी कम होगा।

एनीमिया दूर करने के लिए चलाया जाए 100 दिवसीय सघन अभियान:

मुख्यमंत्री ने कहा कि खून की कमी व कुपोषण के शिकार बच्चों व महिलाओं में एनीमिया दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग 100 दिन का सघन अभियान चलाए जिसके अंतर्गत घर-घर जाकर कुपोषित व कमजोर बच्चों व महिलाओं को पौषक आहार व आयरन की गोलियां दी जाएं और उनके स्वास्थ्य की नियमित रूप से ट्रैकिंग भी की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गंभीर मामलों में पीड़ितों को आयरन के इंजेक्शन भी दिए जा सकते हैं।

सभी जिला अस्पतालों में 1-1 करोड़ रुपये की नई एक्स-रे मशीनें लगेंगी:

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले रोगियों को टेस्ट करवाने के लिए किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सभी जिला अस्पतालों में एक-एक करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक एक्स-रे मशीनें लगाई जाएंगी जिनमें एक्स-रे होते ही वह डॉक्टर को तुरंत स्क्रीन पर दिखेगा। इससे डॉक्टर के साथ-साथ मरीजों का भी समय बचेगा। इसी प्रकार उन्होंने जिलों में नई अल्ट्रासाउंड मशीनों की स्थापना तथा निरोगी हरियाणा के तहत किए गए टैस्ट की भी समीक्षा करते हुए अस्पतालों में बेसिक लैब सर्विसिज को मजबूत करने तथा इन-हाउस टेस्टिंग सुविधाओं को बढ़ाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने अस्पतालों में लॉन्ड्री सेवाओं को आधुनिक करने के संबंध में भी व्यापक निर्देश दिए जिस पर अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में टेंडर किए जा चुके हैं।

इन विषयों की भी समीक्षा की:

इनके अलावा मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में मशीनों के रख-रखाव, मेडिकल ऑक्सीजन, स्वास्थ्य भवनों पर सोलर पैनल लगाने, आयुष्मान योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में इलाज को बढ़ावा देने, अस्पतालों में पानी की टंकियों की स्वच्छता, मदर-चाइल्ड वार्ड, बेटियों की जन्मदर बढ़ाने, अस्पतालों की फार्मेसी को ऑनलाइन करने, पौधारोपण का लक्ष्य पूरा करने, मेडिकल कॉलेजों की रैंकिंग में सुधार, प्रदेश में लेवल-2 ट्रामा सेंटर बनाने, अस्पतालों में एम्बुलेंस की उपलब्धता तथा आयुष्मान भारत को मुख्यमंत्री पोर्टल से लिंक करने संबंधी अन्य कार्यों की भी समीक्षा की और इनके संबंध में अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, आयुष विभाग के महानिदेशक श्री संजीव वर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू, डीजीएचएस डॉ. मनीष बंसल, स्वास्थ्य सचिव श्री आरएस ढिल्लो सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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Author: Bharat Sarathi

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