-सेक्टर 27, 29, 43 और 44 के चौराहे पर बनेगा 1.35 किलोमीटर लंबा दोतरफा अंडरपास और सिक्स-लेन सड़क, ट्रैफिक होगा सुगम
-प्रोजेक्ट में वर्षा जल संचयन और सोलर सिस्टम लगाकर बनाया जाएगा पर्यावरण अनुकूल
गुरुग्राम, 30 जुलाई: गुरुग्राम की सड़क यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास 55.46 करोड़ रुपये की लागत से सिक्स-लेन दोतरफा अंडरपास बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। सेक्टर 27, 29, 43 और 44 के चौराहे पर बनने वाला यह 1.35 किलोमीटर लंबा अंडरपास शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक पर जाम की समस्या दूर करेगा और साथ ही साउथर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) से संपर्क को भी मजबूत करेगा। इस प्रोजेक्ट को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मिलेनियम सिटी सेंटर चौराहे पर लंबी दूरी के वाहनों और स्थानीय यातायात को अलग-अलग किया जा सके, जिससे ट्रैफिक की आवाजाही सुगम होगी। उन्होंने बताया कि अंडरपास में कुल छह लेन होंगी, यानी हर दिशा में तीन-तीन लेन, जबकि इसके साथ ही सतह पर भी एक समानांतर सिक्स-लेन सड़क बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय यातायात बिना किसी रुकावट के चल सके। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से इस पूरे कॉरिडोर की क्षमता काफी बढ़ जाएगी, सफर का समय कम होगा और शहर सेंटर से एसपीआर कॉरिडोर के बीच आने-जाने वाले लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।
श्री मीणा ने आगे बताया कि इस प्रोजेक्ट की डिजाइन में पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर पर दो वर्षा जल संचयन ढांचे बनाए जाएंगे, जिससे भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी और साथ ही बारिश के पानी की निकासी बेहतर होने से इलाके में जलभराव की समस्या भी कम होगी। उन्होंने कहा कि अंडरपास में बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए सोलर पैनल भी लगाए जाएंगे, जिससे इसका संचालन ऊर्जा की दृष्टि से किफायती और आत्मनिर्भर बनेगा।
श्री मीणा ने यह भी बताया कि जीएमडीए यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो। उन्होंने बताया कि निर्माण अवधि के दौरान उचित बैरिकेडिंग, ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था और पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के सुरक्षित तरीके से आ-जा सकें। उन्होंने बताया कि निर्माण एजेंसी धूल को नियंत्रित करने के लिए भी सभी जरूरी कदम उठाएगी, जिसमें नियमित रूप से पानी का छिड़काव, निर्माण सामग्री को ढककर ले जाना और अन्य निर्धारित पर्यावरण सुरक्षा उपाय शामिल हैं।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद सेक्टर 27, 29, 43 और 44 के चौराहे पर जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी, एसपीआर से संपर्क बेहतर होगा, सफर का समय घटेगा और गुरुग्राम के सड़क नेटवर्क की कार्यक्षमता बढ़ेगी। यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम में आधुनिक, टिकाऊ और भविष्य के अनुकूल शहरी ढांचा तैयार करने की दिशा में जीएमडीए की निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।









