विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित

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31 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची होगी प्रकाशित, 30 अगस्त तक किए जा सकेंगे दावे एवं आपत्तियां

गुरुग्राम, 28 जुलाई। हरियाणा निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के अंतर्गत मतदाता सूची के दावे एवं आपत्तियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को गुरुग्राम, सोहना, पटौदी तथा बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्रों के सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पटौदी के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी दिनेश लुहाच तथा बादशाहपुर के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी संजीव सिंगला भी उपस्थित रहे। इस दौरान अधिकारियों को एसआईआर के आगामी चरण, दावा एवं आपत्ति प्रक्रिया, नोटिस जारी करने, दस्तावेजों के सत्यापन तथा मतदाता सूची के अद्यतन से संबंधित सभी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान एसडीएम दिनेश लुहाच ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का प्रथम चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, जिसमें बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रह किया गया। अब आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके साथ ही 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी, जिसके दौरान पात्र नागरिक नए मतदाता के रूप में अपना नाम दर्ज कराने, मतदाता सूची में संशोधन करवाने अथवा हटवाने(यदि कहीं और शिफ्ट हो गए है) के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जाएंगे।

एसडीएम संजीव सिंगला ने बताया कि 31 जुलाई से 28 सितंबर तक नोटिस अवधि रहेगी। इस दौरान प्राप्त दावे एवं आपत्तियों के साथ-साथ आवश्यक मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे तथा सभी प्रकरणों का नियमानुसार डिजिटल माध्यम से परीक्षण एवं निस्तारण निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि अंतिम मतदाता सूची त्रुटिरहित एवं नवीनतम हो सके। इसके उपरांत 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

आयु वर्ग के अनुसार दस्तावेजों का होगा सत्यापन

इलेक्शन तहसीलदार राजेंद्र हुडा ने प्रशिक्षण में अधिकारियों को विभिन्न आयु वर्ग के मतदाताओं के लिए निर्धारित दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। राजेंद्र हुड्डा ने बताया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार 1 जुलाई 1987 से 1 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को स्वयं एवं अपने माता-पिता से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जबकि 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं, माता एवं पिता से संबंधित निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड केवल पहचान का प्रमाण है, जबकि आयु एवं निवास संबंधी प्रमाण आयोग द्वारा निर्धारित अन्य दस्तावेजों के आधार पर स्वीकार किए जाएंगे। अधिकारियों से कहा गया कि सभी दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक सत्यापन करते हुए आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।

बीएलओ और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भूमिका भी अहम

इलेक्शन तहसीलदार ने बताया कि दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान बीएलओ अपने-अपने मतदान क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहेंगे। विशेष अभियान के अंतर्गत अगस्त माह में निर्धारित विशेष तिथियों पर बीएलओ मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहकर नागरिकों से आवेदन प्राप्त करेंगे तथा आवश्यक जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम ने यह भी निर्देश दिए गए कि बीएलओ और बीएलए के साथ नियमित बैठकें आयोजित कर उनकी कार्यवाही का रिकॉर्ड भी संधारित किया जाए, जिससे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके।

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Author: Bharat Sarathi

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