· छात्रों के साथ हुई बेरहमी और बर्बर लाठीचार्ज के लिए देश के युवाओं से माफी मांगे बीजेपी सरकार – दीपेन्द्र हुड्डा
· शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव होने तक लड़ाई जारी रहेगी– दीपेन्द्र हुड्डा
· जब नीट पेपर लीक होने पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो सकता है तो HPSC के पेपर लीक के लिए HPSC चेयरमैन आलोक वर्मा इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे – दीपेन्द्र हुड्डा
· सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने छात्रों के साथ लगातार हो रही बर्बरता के खिलाफ विपक्षी सांसदों के साथ आज संसद परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया

चंडीगढ़, 27 जुलाई। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि देश की सत्ता पर अहंकारी पार्टी सत्तारूढ़ है। छात्र आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस ने जिस तरह बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज किया, जिसमें नुकीली कीले लगी थीं। पैलेट गन का प्रयोग हुआ, आँसू गैस के गोले दागे गए। बिहार में तो छात्रों पर AK-47 का प्रयोग हुआ, जिसमें कई युवाओं को गोली लगने की भी खबरें आ रही हैं। छात्रों के साथ बर्बरता के ऐसे आदेश कौन दे रहा है? एक तरफ पुलिस-प्रशासन छात्रों पर बुरी तरह कहर ढा रहा है तो दूसरी तरफ भाजपा नेता राह चलते स्टूडेंट्स को बुलाकर उनसे गाली-गलौज कर रहे हैं। हरियाणा में तो बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष छात्रों को गद्दार बता बता रहे हैं। ऐसा वातावरण किसने बनाया? देश के गृह मंत्री को जवाब देना पड़ेगा। उन्होंने मांग करी कि बीजेपी सरकार छात्रों के साथ हुई बेरहमी और बर्बर लाठीचार्ज के लिए देश के युवाओं से माफी मांगे। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने देश भर में लगातार छात्रों पर हो रही पुलिस बर्बरता के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विपक्षी सांसदों के साथ आज संसद परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि BJP सरकार चारों तरफ से देश भर में स्टूडेंट्स को प्रताड़ित करने की तरफ बढ़ गई है। सैंकड़ों छात्रों को हिरासत में लिया गया है। हम देख रहे हैं धरना स्थल से जिनकी रील वायरल हुई दिल्ली यूनिवर्सिटी के अंदर उन स्टूडेंट्स को चयनित करके उनके घरों पर फोन करवाये जा रहे हैं कि आप माफी मांगो। सरकार को सदन के सामने और देश के सामने इस सारी स्थिति को स्पष्ट करना पड़ेगा। अगर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले भाजपा और उससे जुड़े नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों पर अगर नकेल नहीं कसी गई तो हमारे पास लड़ाई लड़ने के अलावा कोई और दूसरा रास्ता नहीं है। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव होने तक लड़ाई जारी रहेगी।
दीपेन्द्र हुड्डा ने हरियाणा में पेपर लीक घोटाले की बात करते हुए कहा कि जब नीट पेपर लीक होने पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दे सकते हैं। तो HPSC के पेपर लीक के लिए HPSC चेयरमैन आलोक वर्मा इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे? HPSC चेयरमैन आलोक वर्मा के कार्यकाल में प्रदेश में सबसे ज्यादा पेपर लीक हुए हैं। HPSC के दफ्तर में करोडों रुपये की बरामदगी हुई। एचपीएससी, एचएसएससी में परचून की दुकान की तरह नौकरियों की रेट लिस्ट मिली। पेपर लीक के मामले में हरियाणा पूरे देश में नंबर 1 बन गया है। हरियाणा की सरकार खर्चा-पर्चा सरकार है। यानी खर्चा करो पर्चा आउट कराओ। उन्होंने मांग करी कि हरियाणा एचपीएससी के चेयरमैन तुरंत इस्तीफा दें और मुख्यमंत्री प्रदेश में पेपर लीक घोटाले की जिम्मेदारी लें।








