अतिरिक्त ड्रेन इनलेट निर्माण , अवरोध हटाने से मानसून के दौरान वर्षा जल निकासी होगी अधिक प्रभावी

गुरुग्राम, 27 जुलाई। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने शहर के चार प्रमुख सड़क मार्गों पर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लगभग ₹84 लाख की लागत से ड्रेनेज सुधार कार्य शुरू किए हैं। इन कार्यों के तहत मौजूदा ड्रेनों में अतिरिक्त इनलेट पॉइंट बनाए जाएंगे, सतही वर्षा जल के प्रवाह में बाधा बनने वाले अवरोधों को हटाया जाएगा तथा अन्य आवश्यक इंजीनियरिंग कार्य किए जाएंगे, जिससे मानसून के दौरान वर्षा जल की निकासी और अधिक तेज़ एवं प्रभावी हो सके।
यह जानकारी देते हुए जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में शहर के प्रमुख स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज ढांचे को व्यापक रूप से मजबूत किया गया है। अब इन सुधार कार्यों के माध्यम से महत्वपूर्ण स्थानों पर मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क की कार्यक्षमता को और बेहतर बनाया जाएगा। इससे सड़कों पर जमा होने वाला वर्षा जल शीघ्रता से ड्रेनेज नेटवर्क में प्रवेश करेगा, जिससे जलभराव की संभावना कम होगी तथा भारी वर्षा के दौरान यातायात सुचारु बना रहेगा।

उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत मौजूदा स्टॉर्म वाटर ड्रेनों में कोर कटिंग कर अतिरिक्त इनलेट पॉइंट बनाए जाएंगे, सतही जल प्रवाह में बाधा बनने वाले कचरे एवं मलबे को हटाया जाएगा, वर्षा जल के ड्रेन में प्रवेश को बाधित करने वाले मिट्टी के किनारों को समतल किया जाएगा तथा ड्रेनेज व्यवस्था की पूरी दक्षता बढ़ाने के लिए अन्य आवश्यक सिविल कार्य भी किए जाएंगे।
इन कार्यों में इफको चौक से कन्हई चौक तक (लागत ₹21.10 लाख), कन्हई चौक से सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) तक (₹21.10 लाख), सोहना रोड स्थित सुभाष चौक से एनएच-48 स्थित हीरो होंडा चौक तक (लागत ₹21 लाख) तथा सेक्टर-44 एवं सेक्टर-45 की डिवाइडिंग रोड पर (₹21.10 लाख की लागत से ) ड्रेनेज सुधार कार्य किए जाएंगे। कुल मिलाकर इन कार्यों पर लगभग ₹84 लाख की अनुमानित लागत आएगी ।

श्री मीणा ने कहा कि ये सभी मार्ग शहर के अत्यंत व्यस्त एवं प्रमुख यातायात कॉरिडोर हैं, जहां दिनभर भारी यातायात रहता है। ऐसे में वर्षा जल का शीघ्रता से ड्रेनेज नेटवर्क में प्रवेश सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सड़कों पर जलभराव न हो और भारी बारिश के दौरान भी यातायात सामान्य रूप से चलता रहे।
उन्होंने कहा कि जीएमडीए बाढ़ एवं जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए व्यापक रणनीति पर कार्य कर रहा है। बड़े स्तर की ड्रेनेज अवसंरचना परियोजनाओं के साथ-साथ आवश्यकता वाले स्थानों पर इस प्रकार के स्थानीय इंजीनियरिंग सुधार भी किए जा रहे हैं। इससे मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क की जल वहन क्षमता बढ़ेगी और मानसून के दौरान शहर की जलभराव से निपटने की क्षमता और अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कार्य जीएमडीए की व्यापक मानसून तैयारी रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके अंतर्गत प्राधिकरण लगातार ड्रेनेज अवसंरचना का सुधार , स्टॉर्म वाटर कनेक्टिविटी की बहाली तथा संवेदनशील स्थानों पर समाधान के लिए रखरखाव कार्य कर रहा है, ताकि पूरे गुरुग्राम शहर में वर्षा जल की तेज़ एवं प्रभावी निकासी सुनिश्चित की जा सके।








