छात्र-युवा संघर्ष की ऐतिहासिक जीत, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार तक आंदोलन रहेगा जारी : AIDYO

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर संगठन ने कहा— यह केवल शुरुआत, शिक्षा में पारदर्शिता और रोजगार की लड़ाई जारी रहेगी

गुरुग्राम, 26 जुलाई। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (AIDYO), हरियाणा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देशभर के छात्र-युवाओं के लंबे, संगठित और लोकतांत्रिक संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया है। संगठन के राज्य संयोजक बलवान सिंह ने कहा कि इस घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि जब छात्र-युवा वर्ग अपने अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करता है, तो सरकारों को भी जनता की आवाज के सामने झुकना पड़ता है।

बलवान सिंह ने कहा कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आए पेपर लीक, भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनियमितताओं के खिलाफ देशभर में लंबे समय से छात्र आंदोलनरत थे। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन और नैतिक समर्थन से भी नई ऊर्जा मिली। छात्रों, युवाओं, अभिभावकों तथा लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले नागरिकों की व्यापक एकजुटता ने सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बनाया।

उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, जवाबदेही के अभाव और छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ देशव्यापी जनआक्रोश की अभिव्यक्ति है। यह जीत उन लाखों छात्रों की है जिन्होंने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते हुए दमन, लाठीचार्ज और उत्पीड़न का सामना किया, लेकिन अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटे।

AIDYO ने मांग की कि सरकार केवल इस्तीफे तक सीमित न रहे, बल्कि छात्रों की न्यायोचित मांगों को तत्काल लागू करे। संगठन ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली पर स्थायी रोक लगाने के लिए पारदर्शी परीक्षा प्रणाली विकसित करने, शिक्षा माफिया एवं दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने, सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर शीघ्र, निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती करने तथा शिक्षा के बढ़ते निजीकरण और बाजारीकरण पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही सभी विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा सुनिश्चित करने तथा शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने की भी अपील की गई।

बलवान सिंह ने कहा कि इस आंदोलन ने यह सिद्ध कर दिया है कि सत्य, न्याय और लोकतांत्रिक संघर्ष की शक्ति किसी भी दमनकारी नीति से अधिक मजबूत होती है। इससे देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं का लोकतांत्रिक आंदोलनों पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

उन्होंने देशभर के छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और आंदोलन में सहयोग देने वाले सभी लोकतांत्रिक संगठनों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि यह संघर्ष का महत्वपूर्ण पड़ाव है, अंतिम मंजिल नहीं। जब तक शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार मुक्त नहीं होती, पेपर लीक की घटनाओं पर स्थायी रोक नहीं लगती, रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती नहीं होती और छात्रों की न्यायोचित मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आंदोलन केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि देश के मेहनतकश, शोषित और वंचित वर्गों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। लोकतांत्रिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और जनहित के सवालों पर व्यापक जनएकता और संघर्ष ही जनता के अधिकारों की रक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!