छात्र आंदोलन की जीत पर कांग्रेस ने निकाला मशाल जुलूस

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया युवाओं के संघर्ष की जीत, आंदोलन में मारे गए छात्रों को दी श्रद्धांजलि

गुरुग्राम। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जिला कांग्रेस कमेटी शहरी एवं ग्रामीण ने शनिवार को गुरुग्राम में मशाल एवं कैंडल मार्च निकालकर छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया। कांग्रेस नेताओं ने इसे युवाओं के संघर्ष और लोकतांत्रिक आवाज की जीत बताते हुए कहा कि नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों की लंबी लड़ाई का यह परिणाम है।

मशाल जुलूस जिला कांग्रेस कमेटी शहरी अध्यक्ष पंकज डावर और ग्रामीण अध्यक्ष वर्धन यादव के नेतृत्व में निकाला गया। इसमें हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सह प्रभारी जितेंद्र बघेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए। जुलूस कमान सराय स्थित कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरा।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक इस्तीफा नहीं, बल्कि युवाओं की उस आवाज की जीत है जिसे दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ और आंदोलन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ था।

हरियाणा कांग्रेस के सह प्रभारी जितेंद्र बघेल ने कहा कि आज देश का युवा सबसे अधिक परेशान है। नीट और सीबीएसई जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों की आवाज सुनने के बजाय लाठी और हिरासत का रास्ता अपनाया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा शुरुआत भर है। परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के बिना व्यवस्था में बदलाव संभव नहीं है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश की शिक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन यही आवाज आंदोलन बनकर सामने आई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।

ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष वर्धन यादव ने पेपर लीक मामलों की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मेहनत से परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

कैंडल मार्च में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। उन्होंने आंदोलन के दौरान महिलाओं और छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

कार्यक्रम के अंत में आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले युवाओं और घायल छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई। दो मिनट का मौन रखकर देश की एकता और अखंडता के लिए प्रार्थना की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगी।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!