प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने न्यू गुरुग्राम में मास्टर सीवरेज और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

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जीएमडीए और एचएसवीपी को सभी मिसिंग लिंक का संयुक्त निरीक्षण कर जल्द पूरा करने के दिए निर्देश

गुरुग्राम, 25 जुलाई। शहरी विकास के प्रधान सलाहकार श्री डी.एस. ढेसी ने शुक्रवार साँय को न्यू गुरुग्राम में मास्टर सीवरेज और मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारियों को शहर के ड्रेनेज नेटवर्क में मौजूद सभी मिसिंग लिंक की संयुक्त रूप से निरीक्षण कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

जीएमडीए और एचएसवीपी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जीएमडीए स्थित प्रधान सलाहकार कार्यालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री ढेसी ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्यू गुरुग्राम में एकीकृत और निर्बाध स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करने के लिए सभी लंबित कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

बैठक में जीएमडीए अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर 68 से 75 तथा सेक्टर 76 से 80 तक मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क बिछाने का कार्य प्रगति पर है। इस पर श्री ढेसी ने अधिकारियों को काम की गति बढ़ाने और निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एचएसवीपी की प्रशासक श्रीमती वैशाली सिंह ने अवगत कराया कि सेक्टर 81 से 95 तक मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क का निर्माण एचएसवीपी द्वारा दो चरणों में करवाया जा रहा है। प्रथम चरण के तहत सेक्टर 81 से 87 तक का नेटवर्क पूरा कर जीएमडीए को सौंप दिया गया है, जबकि दूसरे चरण के तहत सेक्टर 88 से 95 तक का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने के बाद इसे भी जीएमडीए को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि एचएसवीपी ने सेक्टर 112 से 115 तक के कुछ हिस्से में स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाई गई थी, लेकिन अब इन सेक्टरों में ड्रेनेज का कार्य जीएमडीए को हस्तांतरित किया जा चुका है। बाकी बचे हुए ड्रेन निर्माण के कार्य को जीएमडीए द्वारा पूरा किया जा रहा है ।

जीएमडीए के अधिकारियों ने बताया कि इन सेक्टरों में मानसून के दौरान ड्रेनेज प्रणाली का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए निर्मित ड्रेनों की सफाई और कनेक्टिविटी चेक की जा रही है ।

बैठक में बताया गया कि सिही और बढ़ा गांवों का वर्षा जल लेग-4 मास्टर कैरियर ड्रेन में डाला जा रहा है। साथ ही, सेक्टर 83 से 95 तक का वर्षा जल पूर्ण ड्रेनेज नेटवर्क तैयार होने तक चिन्हित खुले हरित क्षेत्रों की ओर मोड़ा जा रहा है।

हाल ही में हुई भारी वर्षा के दौरान शहर की ड्रेनेज व्यवस्था कैसी रही, इसकी समीक्षा के दौरान जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता श्री विक्रम सिंह ने बताया कि सीजन के शुरू में एक दिन में हुई एक सौ मिलीमीटर से अधिक बारिश में लेग-1, लेग-2, लेग-3 और लेग-4 सहित सभी चारों मास्टर कैरियर ड्रेन पूरी भरी चली थी । इससे शहर में वर्षा जल की निकासी सुचारु रही और जिन स्थानों पर सालों से जल भराव होता था, उनमें से अधिकतर स्थल जलभराव मुक्त रहे ।

बैठक में धनवापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन की भी समीक्षा की गई। जीएमडीए अधिकारियों ने बताया कि इस संयंत्र की पूर्व में क्षतिग्रस्त हुई ट्रीटेड वाटर चैनल की मरम्मत कर उसे फिर से चालू कर दिया गया है तथा झज्जर जिले के किसानों को सिंचाई के लिए शोधित जल की आपूर्ति दोबारा शुरू हो गई है।

बैठक में बताया गया कि द्वारका एक्सप्रेस-वे के साथ बने सेक्टर 101 और 102 में तीन स्थानों पर एसटीपी की ट्रीटेड वाटर चैनल को स्टॉर्म वाटर ड्रेन क्रॉस करेगी। श्री ढेसी ने एचएसवीपी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे झज्जर सिंचाई विभाग के अधिकारियों से तालमेल करके सभी औपचारिकताएं पूरी कर इस कार्य को जल्द पूरा करवाएँ । ऐसा करने से उन सेक्टरों में बरसाती पानी की निकासी में मदद मिलेगी ।

बैठक में गुरुग्राम एचएसवीपी की प्रशासक श्रीमती वैशाली सिंह, अधीक्षण अभियंता मनोज सैनी, जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह तथा विभोर दुहन, डीटीपी अमित मघोलिया, जीएमडीए की डीटीपी प्रेरणा सिहाग सहित जीएमडीए और एचएसवीपी के अधिकारीगण उपस्थित थे ।

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Author: Bharat Sarathi

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