गुरुग्राम, 25 जुलाई 2026। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह, आईएएस ने निगम के प्रशासनिक ढांचे को ओर अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आवश्यक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 9 कार्यकारी अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता (एसई) के पद पर पदोन्नत करने की स्वीकृति प्रदान की है।
पदोन्नति के साथ ही 13 अधीक्षण अभियंताओं के स्थानांतरण एवं नई नियुक्तियों के आदेश भी जारी किए गए हैं। इस संबंध में निगम प्रशासन द्वारा 24 जुलाई 2026 को कार्यालय आदेश जारी किया गया।
पदोन्नत अधिकारियों में इंजीनियर विजय पाल, प्रवीण यादव, मंजू पुनिया, विकास कादियान, अमित कम्बोज, आशुतोष पंचाल, सतीश कुमार, अविनाश यादव तथा सचिन यादव शामिल हैं। सभी अधिकारियों को पे मैट्रिक्स लेवल-14 में अधीक्षण अभियंता के पद पर तत्काल प्रभाव से पदोन्नत किया गया है।
पदोन्नति के साथ महत्वपूर्ण पदस्थापन भी किए गए हैं। इंजीनियर प्रवीण यादव को स्मार्ट सिटी परियोजना, गुरुग्राम का अधीक्षण अभियंता नियुक्त किया गया है। वहीं इंजीनियर विजय पाल को एसई, ऑपरेशन सर्किल रेवाड़ी, इंजीनियर अमित कम्बोज को एसई, ऑपरेशन सर्किल फरीदाबाद, इंजीनियर आशुतोष पंचाल को एसई, ऑपरेशन सर्किल सिरसा तथा इंजीनियर अविनाश यादव को एसई, ऑपरेशन सर्किल हिसार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त इंजीनियर मंजू पुनिया को ऊर्जा ऑडिट, इंजीनियर विकास कादियान को आईटी विंग तथा इंजीनियर सतीश कुमार को पी एंड डी शाखा में अधीक्षण अभियंता नियुक्त किया गया है।
इसी आदेश के तहत कार्यरत चार अधीक्षण अभियंताओं के भी स्थानांतरण किए गए हैं। इंजीनियर कुलदीप अत्री को एम एंड पी सर्किल, हिसार, इंजीनियर जितेंद्र ढुल को ऑपरेशन सर्किल, भिवानी, इंजीनियर रेखा राठी को रेगुलेटरी अफेयर्स तथा इंजीनियर वेद प्रकाश को मानव संसाधन (एचआर) शाखा, हिसार में नियुक्त किया गया है।
इसके अतिरिक्त, आदेशों के अनुसार इंजीनियर विजेंद्र सिंह को एसई (आर-एपीडीआरपी) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, जबकि इंजीनियर अविनाश यादव अपने नियमित दायित्वों के साथ एसई (सिविल) का अतिरिक्त कार्य भी देखेंगे। वहीं इंजीनियर विकास कादियान प्रतिनियुक्ति पर एचईपीसी, पंचकूला में कार्यरत रहते हुए डीएचबीवीएन के आईटी कार्यों का अतिरिक्त दायित्व भी संभालेंगे।
कार्यालय आदेश के अनुसार सभी पदोन्नत अधिकारी एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रहेंगे तथा उन्हें एक माह के भीतर अपने नए पद का कार्यभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में उनकी पदोन्नति स्वतः निरस्त मानी जाएगी। सभी पदोन्नतियां न्यायालयों में लंबित मामलों, सेवा अभिलेखों तथा अन्य निर्धारित प्रशासनिक शर्तों के अधीन रहेंगी।
निगम प्रबंधन का मानना है कि इन पदोन्नतियों, स्थानांतरणों एवं नई नियुक्तियों से विभिन्न परियोजनाओं और परिचालन सर्किलों में प्रशासनिक दक्षता, जवाबदेही एवं कार्य समन्वय को और अधिक मजबूती मिलेगी, जिससे उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के निगम के प्रयासों को नई गति मिलेगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।









