धुराला में षडदर्शन साधुसमाज की आपातकालीन बैठक सम्पन्न, वृद्ध महंत पर हमले की घटना पर जताया रोष

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वृद्ध महंत पर हमले के विरोध में संत समाज एकजुट, प्रशासन की कार्रवाई का किया समर्थन।

संत समाज ने प्रशासन की कार्रवाई का किया स्वागत, अवैध मजारों को हटाने के लिए सरकार से सहयोग लेने का लिया निर्णय

कुरुक्षेत्र, 15 जुलाई (प्रमोद कौशिक)। कुरुक्षेत्र के गांव धुराला स्थित शिव मंदिर में बुधवार को षडदर्शन साधुसमाज की एक महत्वपूर्ण एवं आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक में षडदर्शन साधुसमाज के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य भी उपस्थित रहे।

संगठन महामंत्री संत सुनील दास, सनेह दास तथा कुरुक्षेत्र अध्यक्ष महंत जनार्दन दास ने बताया कि गांव अढोनी स्थित शिव मंदिर के अत्यंत वृद्ध महंत योगिराज गिरि पर गांव के एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से जानलेवा हमला किया गया, जिसमें महंत को गंभीर चोटें आईं तथा उनकी टांगें भी टूट गईं। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। संत समाज ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई को उचित और सराहनीय बताया।

बैठक प्रातः 11 बजे सन्यासी प्रयागपुरी नागा बाबा आश्रम, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, शिव मंदिर धुराला में आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महात्माओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर स्वामी वासुदेवानंद महाराज ने सैयद मजारों, दरगाहों और पीरों की ऐतिहासिक भूमिका तथा उनसे जुड़ी गतिविधियों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर धर्म परिवर्तन और सनातन संस्कृति विरोधी गतिविधियों को लेकर समाज में चिंता है।

बैठक में उपस्थित संत समाज ने निर्णय लिया कि कुरुक्षेत्र क्षेत्र में मौजूद अवैध मजारों के संबंध में सरकार और प्रशासन के सहयोग से वैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से कार्रवाई कराने के प्रयास जारी रखे जाएंगे।

बैठक में षडदर्शन साधुसमाज के अध्यक्ष परमहंस ज्ञानेश्वर महाराज, स्वामी हरिओम परिब्राजक (वात्सल्य वाटिका), महंत राजेंद्र दास (गढ़ी बीरबल), महंत विशाल दास (कोतवाल), महंत राम अवतार (चिट्टा मंदिर, पिपली), स्वामी वासुदेवानंद महाराज, सतीश सैनी (भगत बीड़, पिपली), राजेंद्र सैनी (जिला मंत्री, विश्व हिंदू परिषद), रोहताश सैनी (जिला संयोजक, बजरंग दल), सुल्तान दास, भारत बंसल, बाबूलाल शुक्ला, सतीश राणा, प्रेम नारायण अवस्थी तथा नगेंद्र सिकरी सहित अनेक संत, सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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