एमसीजी का बड़ा फैसला: कचरा फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, बार-बार उल्लंघन करने वालों की दुकानें हो सकती हैं सील

गुरुग्राम, 15 जुलाई। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं कचरा मुक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सभी आठ जोनों में प्रथम चरण के तहत आठ बाजारों को ‘नो लिटरिंग, स्वच्छ एवं अनिवार्य डस्टबिन मार्केट’ बनाने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत दुकानदारों एवं स्ट्रीट वेंडर्स को डस्टबिन का अनिवार्य रूप से उपयोग करना होगा तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्णय बुधवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में शहर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
हर जोन में एक मॉडल ‘नो लिटरिंग स्वच्छ मार्केट’ बनाया जाएगा
निगमायुक्त ने सभी संयुक्त आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जोन में एक बाजार क्षेत्र का चयन कर वहां विशेष अभियान चलाएं। दुकानदारों, स्ट्रीट वेंडर्स एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों को डस्टबिन रखने, कचरा निर्धारित स्थान पर डालने तथा सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही प्रवर्तन टीमों द्वारा नियमित निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालान की प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बार-बार उल्लंघन करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि जागरूकता एवं चालान के बावजूद कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने की प्रवृत्ति नहीं छोड़ता है, तो उसके विरुद्ध दुकान सील करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। निगम का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि नागरिकों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
डस्टबिन नहीं रखने वाले पीजी संचालकों पर भी कसेगा शिकंजा
बैठक में निर्णय लिया गया कि एमसीजी क्षेत्र के नरसिंहपुर, इस्लामपुर, चकरपुर, डुंडाहेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में संचालित ऐसे पीजी संस्थानों पर भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिन पीजी परिसर में डस्टबिन उपलब्ध नहीं होंगे, ऐसे पीजी संचालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यदि जुर्माना निर्धारित समय पर जमा नहीं कराया जाता है, तो नियमानुसार पीजी को सील करने तथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से जुर्माना राशि की वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है।
जुर्माना वसूली को बनाया जाएगा और अधिक प्रभावी
निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चालान एवं जुर्माना राशि की वसूली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसे एनडीसी पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए, जिससे नियमों के उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई और अधिक प्रभावी हो सके।
एक वर्ष में 12,605 चालान, 2.53 करोड़ रुपये का जुर्माना
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम द्वारा स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। जुलाई 2025 से अब तक एक वर्ष में 12,605 उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 2.53 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और वसूल किया गया है। वहीं, गत एक दिन में ही 60 चालान किए गए तथा 1.12 लाख रुपये की जुर्माना राशि मौके पर वसूल की गई।
निजी प्लॉटों पर कूड़ा एकत्रित कराने वालों पर भी होगी कार्रवाई
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने निजी प्लॉटों में कूड़ा एकत्रित होने के मामलों पर भी सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों की तत्काल सफाई कराई जाए तथा सफाई पर आने वाला पूरा खर्च संबंधित प्लॉट मालिक से वसूला जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए जनजागरूकता के साथ-साथ प्रभावी प्रवर्तन भी आवश्यक है। नागरिकों, दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सहयोग से ही स्वच्छ, सुंदर और कचरा मुक्त गुरुग्राम का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी, रविन्द्र यादव, पूजा चांवरिया, कुशल कटारिया, डॉ जयवीर यादव, संयुक्त आयुक्त सपना यादव, डॉ नरेश कुमार, डॉ प्रीतपाल सिंह व रविन्द्र मलिक सहित कार्यकारी अभियंता सुंदर श्योराण और सफाई निरीक्षक उपस्थित थे।









