स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार, पुरानी पाइपलाइनें बदलकर और आरओ परियोजना का पूर्ण उपयोग कर सुरक्षित पानी उपलब्ध कराए सरकार
चंडीगढ़ /सिरसा, 15 जुलाई – सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि सिरसा में दूषित पेयजल की लगातार सामने आ रही शिकायतें अत्यंत चिंताजनक हैं। यदि लोगों के घरों तक सीवर मिश्रित पानी पहुंच रहा है और बड़ी संख्या में पानी के नमूने फेल हो रहे हैं, तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि सीधे-सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। सरकार को इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए
सांसद सैलजा ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सिरसा जिले में 295 बैक्टीरियोलॉजिकल सैंपल फेल हुए हैं, जिनमें 183 नमूने अकेले सिरसा शहर के हैं। पिछले एक सप्ताह में दूषित पेयजल और जलापूर्ति संबंधी 170 से अधिक शिकायतें दर्ज होना इस बात का संकेत है कि शहर का बड़ा हिस्सा सुरक्षित पेयजल से वंचित है। विशेषज्ञों के अनुसार दूषित पानी से टाइफाइड, हैजा, डायरिया तथा अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों पर पड़ता है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सिरसा में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2014 में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक आरओ आधारित पेयजल परियोजना शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य शहरवासियों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना था। इसके अतिरिक्त शहर में पहले से चित्तौड़गढ़ पट्टी जलघर, हुडा सेक्टर-19 जलघर, लघु सचिवालय जलघर तथा चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय जलघर जैसी व्यवस्थाएं भी मौजूद हैं। इसके बावजूद यदि आज भी बड़ी संख्या में लोगों को दूषित पानी मिल रहा है और अनेक क्षेत्रों में नलकूपों के माध्यम से अपेक्षित गुणवत्ता के बिना जलापूर्ति की जा रही है, तो सरकार को जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि इतनी बड़ी परियोजना का पूर्ण और प्रभावी उपयोग क्यों नहीं हो रहा। सांसद ने कहा कि यदि 40-60 वर्ष पुरानी पेयजल पाइपलाइनें जर्जर हो चुकी हैं और उनमें सीवर का पानी मिल रहा है, तो सरकार को तत्काल चरणबद्ध योजना बनाकर इन पाइपलाइनों को बदलना चाहिए। केवल अस्थायी मरम्मत या क्लोरीनेशन से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार से मांग की कि पूरे सिरसा शहर की पेयजल व्यवस्था का उच्चस्तरीय तकनीकी ऑडिट कराया जाए, आरओ परियोजना की वर्तमान कार्यप्रणाली और क्षमता के उपयोग की स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए, जर्जर पाइपलाइनों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए, प्रभावित क्षेत्रों में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए तथा जब तक समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होती तब तक नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि स्वच्छ पेयजल किसी भी सरकार की सबसे बुनियादी जिम्मेदारी है। यदि नागरिकों को पीने के लिए सुरक्षित पानी भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, तो सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए और राजनीतिक दावों के बजाय जनस्वास्थ्य की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। जनता यह जानना चाहती है कि जिस उद्देश्य से सिरसा को आधुनिक आरओ आधारित पेयजल परियोजना दी गई थी, उसका पूरा लाभ आज तक लोगों को क्यों नहीं मिल रहा।









