एसवाईएल नहर निर्माण पर प्रधानमंत्री से घोषणा की मांग, वेदप्रकाश विद्रोही ने उठाया मुद्दा

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ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने प्रधानमंत्री से जींद दौरे के दौरान एसवाईएल नहर निर्माण की समयबद्ध घोषणा करने की मांग उठाई।

17 जुलाई को जींद दौरे के दौरान सेना की निगरानी में एसवाईएल निर्माण का समयबद्ध कार्यक्रम घोषित करने की अपील

रेवाडी, 15 जुलाई। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि यदि उनके मन में हरियाणा के प्रति सम्मान है तो वे 17 जुलाई को जींद में होने वाली अपनी सभा में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना सुनिश्चित करते हुए पंजाब में अधूरी पड़ी सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर का निर्माण सेना की निगरानी में केंद्रीय सीमा सड़क संगठन से करवाने की घोषणा करें।

विद्रोही ने कहा कि ऐसा होने से हरियाणा को रावी-ब्यास नदी के जल में अपने हिस्से का पानी मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार विकास तथा जनहित के बड़े दावे करने के बजाय हरियाणा को उसके हिस्से का पानी दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएं और लगातार तीसरी बार राज्य में भाजपा सरकार बनने का राजनीतिक कर्ज चुकाएं।

उन्होंने कहा कि जनवरी 2002 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार पंजाब में अधूरी पड़ी एसवाईएल नहर का निर्माण करवाना केंद्र सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। इसके बावजूद अब तक इस दिशा में कोई निर्णायक पहल नहीं की गई है।

वेदप्रकाश विद्रोही ने दावा किया कि एसवाईएल नहर निर्माण से जुड़े सभी लंबित कानूनी विवाद नवंबर 2016 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद समाप्त हो चुके हैं और पिछले दस वर्षों से नहर निर्माण में कोई कानूनी बाधा नहीं है। उनके अनुसार केंद्र सरकार राजनीतिक कारणों से अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से बच रही है और मामले को पंजाब एवं हरियाणा के मुख्यमंत्रियों तथा केंद्रीय जल संसाधन मंत्री की बैठकों के जरिए टालने की रणनीति अपनाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि आपसी बैठकों से यह विवाद सुलझना होता तो अब तक सुलझ चुका होता और हरियाणा को पिछले छह दशकों से अपने हिस्से के पानी के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता।

विद्रोही ने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे जींद की सभा में स्पष्ट रूप से घोषणा करें कि एक निश्चित तिथि तक सेना की निगरानी में केंद्रीय सीमा सड़क संगठन पंजाब क्षेत्र में अधूरी पड़ी एसवाईएल नहर का निर्माण पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी स्पष्ट घोषणा नहीं की जाती है तो केवल राजनीतिक बयानबाजी का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

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Author: Bharat Sarathi

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